
नई दिल्ली, 06 अक्टूबर (हि.स.)। राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश के नेतृत्व में भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल ने अफ्रीकी देश तंजानिया के अरूशा में आयोजित 153वीं अंतरसंसदीय संघ (आईपीयू) सभा के पहले दिन विभिन्न बैठकों और कार्यक्रमों में हिस्सा लिया तथा कई देशों के प्रतिनिधियों के साथ द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की।
राज्यसभा सचिवालय ने मंगलवार को एक बयान में बताया कि सोमवार को सभा के पहले दिन भारतीय प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने आईपीयू की विभिन्न समितियों और समूहों की बैठकों में भाग लिया। लोकसभा सदस्य डॉ. संजय जायसवाल ने आईपीयू की स्वास्थ्य समिति के सत्र में हिस्सा लिया। हरिवंश और प्रतिनिधिमंडल के अन्य सदस्यों ने एशिया-प्रशांत भू-राजनीतिक समूह की बैठक में भी भाग लिया। लोकसभा सदस्य और आईपीयू कार्यकारी समिति की सदस्य अपराजिता सारंगी ने समूह के सदस्यों को कार्यकारी समिति की हालिया गतिविधियों और पहलों की जानकारी दी।
महिला सांसदों के मंच के सत्र में लोकसभा सदस्य कमलजीत सहरावत ने ‘सभी के लिए समावेशी सामाजिक विकास : दिव्यांग लोगों के अधिकारों और सशक्तीकरण को बढ़ावा देने के लिए संसदीय रणनीतियां’ विषय पर चर्चा में हिस्सा लिया और भारत का पक्ष रखा। लोकसभा सदस्य बिजुली कलिता मेधी ने ‘महिला नेतृत्व’ विषय पर आयोजित दूसरे सत्र में भाग लिया।
राज्यसभा सदस्य डॉ. सस्मित पात्रा ने एशियाई संसदीय सभा की बैठक में हिस्सा लिया, जबकि लोकसभा सदस्य लता वानखेड़े ने आतंकवाद और हिंसक उग्रवाद से निपटने संबंधी आईपीयू के उच्चस्तरीय सलाहकार समूह की बोर्ड बैठक में भाग लिया।
भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने ऑस्ट्रेलियाई प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष मिल्टन डिक और तंजानिया की संसद के अध्यक्ष मूसा अज़ान जुंगु के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी कीं। इन बैठकों में आपसी हित से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।
तंजानिया की संसद ने 153वीं आईपीयू सभा के उद्घाटन के लिए औपचारिक समारोह आयोजित किया। तंजानिया की राष्ट्रपति सामिया सुलुहू हसन ने समारोह को संबोधित किया और 153वीं सभा के शुरू होने की घोषणा की।
हरिवंश के साथ अपराजिता सारंगी, अनुराग सिंह ठाकुर, एनके प्रेमचंद्रन और डॉ. सस्मित पात्रा ने उद्घाटन समारोह में हिस्सा लिया। उन्होंने तंजानिया के विदेश मंत्री और अन्य मंत्रियों के साथ भी बातचीत की।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार