मतदाता सूची से नाम हटाने के खिलाफ एकजुट हों राजनीतिक दल : नेहा बोरा

युगवार्ता    06-Oct-2026
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नेहा बोरा


कोलकाता, 06 अक्टूबर (हि.स.)।

अखिल भारतीय छात्र संघ (आइसा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा ने मंगलवार को विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने का आरोप लगाते हुए सभी राजनीतिक दलों से केंद्र की भाजपा नीत सरकार के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया है। उन्होंने विपक्षी 'इंडी' गठबंधन के साथ-साथ अन्य सभी ताकतों से स्थिति की गंभीरता को समझने और नागरिकों के मताधिकार की रक्षा के लिए साझा मंच पर आने की अपील की।

कोलकाता में आयोजित एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए नेहा बोरा ने समाज के सभी वर्गों से 10 अक्टूबर को नई दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) द्वारा आहूत नागरिक विरोध प्रदर्शन में शामिल होने का अनुरोध किया।

इस दौरान भाकपा (माले) लिबरेशन के राष्ट्रीय महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य भी मौजूद थे। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को पद से तत्काल हटाने की मांग की। भट्टाचार्य ने कहा, ज्ञानेश कुमार को एक सेकंड भी मुख्य चुनाव आयुक्त की कुर्सी पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।

आइसा अध्यक्ष ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस पर लोकतांत्रिक आवाजों को दबाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में विरोध प्रदर्शन के तय स्थल 'जंतर-मंतर' को बिना किसी आधिकारिक नोटिस या आदेश के प्रभावी रूप से सील कर दिया गया है और किसी भी प्रकार के शांतिपूर्ण प्रदर्शन को रोकने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाते हुए नेहा बोरा ने आरोप लगाया, चुनाव आयोग, जिसे हमारे लोकतंत्र का मुख्य प्रहरी होना चाहिए था, एक राजनीतिक दल के पक्ष में पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाकर अपने संवैधानिक पद का दुरुपयोग कर रहा है। यह बेहद चिंताजनक स्थिति है जब पूरी एक संवैधानिक संस्था नागरिकों के मतदान के अधिकार को छीनने की दिशा में काम कर रही हो।

उन्होंने दावा किया कि मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की आड़ में अब तक करीब 13 करोड़ मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए हैं। उन्होंने मांग की कि इस पूरी एसआईआर प्रक्रिया को तुरंत रद्द किया जाना चाहिए। साथ ही आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया के बाद चुनी जाने वाली सरकारें वोटों की कथित चोरी का ही परिणाम होंगी।

हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर

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