जलवायु आपदाओं पर आईपीयू सभा में नेपाल का प्रस्ताव आपातकालीन मद के रूप में स्वीकार

08 Oct 2026 17:26:53
राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश तंजानिया के अरुशा में आयोजित अंतर-संसदीय संघ (आईपीयू) की 153वीं सभा में


नई दिल्ली, 08 अक्टूबर (हि.स.)। तंजानिया के अरुशा में आयोजित अंतर-संसदीय संघ (आईपीयू) की 153वीं सभा में नेपाल द्वारा प्रस्तावित और भारत सहित अन्य देशों द्वारा समर्थित जलवायु संबंधी आपदाओं से निपटने के लिए तत्काल संसदीय कार्रवाई का प्रस्ताव बुधवार को आपातकालीन मद के रूप में स्वीकार कर लिया गया। भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल ने प्रस्ताव को कार्यसूची में शामिल करने के लिए हुए मतदान में भाग लिया।

राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश के नेतृत्व में भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने सभा के तीसरे दिन विभिन्न बैठकों और चर्चाओं में हिस्सा लिया। हरिवंश ने ‘‘समावेशिता, विश्वास और सभी के लिए अवसरों के माध्यम से सुशासन को बढ़ावा देना और समुदायों को सशक्त बनाना’’ विषय पर आम चर्चा में हिस्सा लेते हुए सांसदों से पारदर्शिता मजबूत करने, जवाबदेही बनाए रखने और जनता का विश्वास कायम रखने का आग्रह किया।

आईपीयू अध्यक्ष ने मतदान के बाद घोषणा की कि नेपाल का प्रस्ताव ‘‘जलवायु संबंधी आपदाओं से निपटने और हिमालयी क्षेत्र तथा अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में गतिशीलता सुदृढ़ करने के लिए तत्काल संसदीय कार्रवाई’’ को आपातकालीन मद के रूप में अपनाया गया है।

प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने रूस की संघीय सभा की संघ परिषद के उपसभापति कॉन्स्टेंटिन कोसाचेव के साथ द्विपक्षीय बैठक की और पारस्परिक हित के मुद्दों पर चर्चा की। हरिवंश ने आईपीयू की निवर्तमान अध्यक्ष तुलिया एकसन से भी मुलाकात की और संगठन के कामकाज को समावेशी एवं जीवंत बनाने तथा संसदीय लोकतंत्र को मजबूत करने के उनके प्रयासों की सराहना की।

इस दौरान लोकसभा सांसद संजय जायसवाल ने विभिन्न पीढ़ियों में मानसिक स्वास्थ्य, डिजिटल अतिभार, आर्थिक दबाव और अनिश्चितता से निपटने पर कार्यशाला में भाग लिया। अपराजिता सारंगी ने संयुक्त राष्ट्र मामलों की स्थायी समिति की पैनल चर्चा में हिस्सा लिया, जबकि बिजुली कलिता मेधी ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी पर कार्य समूह तथा सतत विकास संबंधी स्थायी समिति की चर्चा में भाग लिया।

कमलजीत सहरावत ने अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानून के प्रवर्तन में संसदों की भूमिका पर पैनल चर्चा में भाग लिया। उन्होंने बाल अधिकारों के लिए नैतिक कृत्रिम बुद्धिमत्ता को बढ़ावा देने संबंधी कार्यशाला तथा अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के सम्मान से जुड़ी समिति की बैठक में भी हिस्सा लिया। लता वानखेड़े ने बदलते जलवायु में स्वस्थ भोजन की उपलब्धता पर कार्यशाला में भाग लिया।

राज्यसभा सदस्य सस्मित पात्रा ने शांति और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर स्थायी समिति की विशेषज्ञ सुनवाई में भाग लिया। इसमें संघर्ष के समय समुद्री सुरक्षा मजबूत करने और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की रक्षा के जरिए अंतरराष्ट्रीय नौवहन तथा वैश्विक आर्थिक स्थिरता की सुरक्षा में संसदों की भूमिका पर चर्चा हुई।

राज्यसभा के महासचिव ने आईपीयू की नवनिर्वाचित महासचिव आंदा फिलिप से भी मुलाकात की। राज्यसभा सचिवालय के अनुसार, आईपीयू के 137 साल के इतिहास में आंदा फिलिप इस पद पर पहुंचने वाली पहली महिला हैं। उन्होंने लोकतंत्र और शांति को बढ़ावा देने के आईपीयू के प्रयासों के प्रति भारत की संसद के पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार

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