जीएसटी परिषद का ऐतिहासिक निर्णय छोटे व्यापारियों के लिए बड़ी राहत : खंडेलवाल

08 Oct 2026 19:58:53
सांसद एवं कैट महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल का फाइल फोटो


नई दिल्ली, 08 अक्टूबर (हि.स.)। कारोबारी संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय महामंत्री एवं सांसद प्रवीन खंडेलवाल ने गुरुवार को जीएसटी परिषद की 57वीं बैठक में लिए गए निर्णयों का स्वागत करते हुए कहा कि ये फैसले देश के करोड़ों छोटे व्यापारियों, खुदरा कारोबारियों, एमएसएमई और स्टार्टअप्स के लिए बड़ी राहत लेकर आए हैं।

कैट महामंत्री ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित जीएसटी परिषद की 57वीं बैठक में लिए गए कुछ विशेष फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के “ईज ऑफ डूइंग बिजनेस” और “व्यापार में सुगमता” के विजन को वस्त एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद के इन निर्णयों से नई गति मिलेगी।

खंडेलवाल ने कहा कि विशेष रूप से जीएसटी अधिकारियों की गिरफ्तारी के प्रावधानों को हटाना, अभियोजन की सीमा को एक करोड़ रुपये से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये करना तथा सामान्य दंड को 25 हजार रुपये से घटाकर अब 10 हजार रुपये कर देना अब छोटे व्यापारियों में लंबे समय से चली आ रही आशंकाओं को दूर करेगा। उन्होंने कहा कि इससे कर अनुपालन का माहौल अधिक विश्वासपूर्ण बनेगा और साथ ही ईमानदार व्यापारियों को अनावश्यक कानूनी दबाव से राहत मिलेगी।

उन्होंने खासतौर पर पांच करोड़ रुपये तक के कारोबार वाले छोटे व्यापारियों के लिए प्रस्तावित वार्षिक रिटर्न एवं तिमाही कर भुगतान व्यवस्था का स्वागत करते हुए कहा कि यह जीएसटी लागू होने के बाद छोटे व्यापारियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण सुधारों में से एक है। इससे बार-बार रिटर्न दाखिल करने और जटिल अनुपालन प्रक्रियाओं का बोझ कम होगा, समय और संसाधनों की बचत होगी तथा व्यापारी अपने व्यवसाय के विस्तार पर अधिक ध्यान दे सकेंगे।

खंडेलवाल ने कहा कि छोटे विक्रेताओं को विभिन्न राज्यों में ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से व्यापार करने की सुविधा मिलना लाखों छोटे दुकानदारों, घरेलू उद्योगों, कारीगरों, महिला उद्यमियों और ग्रामीण उद्यमों के लिए नए अवसर खोलेगा। अब छोटे व्यापारी बिना अतिरिक्त जटिलताओं के देशभर के ग्राहकों तक अपनी पहुंच बना सकेंगे, जिससे उनकी आय और बाजार दोनों का विस्तार होगा।

उन्होंने कहा कि 90 फीसदी पात्र रिफंड दावों का मात्र तीन कार्य दिवसों में स्वतः निपटान तथा रिफंड आवेदन की स्वीकृति अवधि को 15 दिनों से घटाकर 10 दिन करना छोटे और मध्यम व्यापारियों की कार्यशील पूंजी की समस्या को बहुत हद तक कम करेगा। लंबे समय तक धन फंसे रहने की समस्या घटने से व्यापारियों की नकदी स्थिति मजबूत होगी।

खंडेलवाल ने वाहनों की जांच को केवल विशिष्ट खुफिया सूचना और पूर्व अनुमति तक सीमित करने के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि इससे माल परिवहन में अनावश्यक बाधाएं कम होंगी, जबकि समय की बचत होगी और व्यापारियों को बेहतर लॉजिस्टिक सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि कर्मचारी स्वास्थ्य एवं जीवन बीमा, टेलीकॉम टावर, पाइपलाइन तथा प्लांट एवं मशीनरी पर इनपुट टैक्स क्रेडिट और रिफंड संबंधी निर्णय भी उद्योग एवं व्यापार जगत के लिए सकारात्मक सिद्ध होंगे और निवेश को प्रोत्साहित करेंगे।

प्रवीण खंडेलवाल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण तथा जीएसटी परिषद के सभी सदस्यों को बधाई देते हुए कहा कि 57वीं जीएसटी परिषद के निर्णयों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सरकार छोटे व्यापारियों को आर्थिक विकास की मुख्यधारा में और अधिक सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। ये फैसले भारत के व्यापारिक वातावरण को अधिक सरल, पारदर्शी, भरोसेमंद और व्यापारी-अनुकूल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर

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