एसजेपी अल्ट्रासोनिक्स की शेयर बाजार में मजबूत शुुरुआत, फायदे में आईपीओ निवेशक

08 Oct 2026 14:28:53
प्रतीकात्मक


नई दिल्ली, 08 अक्टूबर (हि.स.)। प्लास्टिक जॉइनिंग और ऑटोमेशन सॉल्यूशंस प्रदान करने तथा बिजनेस-टू-बिजनेस (बी2बी) मॉडल से जुड़ी कंपनी एसजेपी अल्ट्रासोनिक्स लिमिटेड के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट ने मजबूती के साथ एंट्री की। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 67 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर इसकी लिस्टिंग 10.75 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 74.20 रुपये के स्तर पर हुई।

मजबूत लिस्टिंग के बाद बिकवाली का दबाव बनने पर ये शेयर कुछ देर के लिए फिसल कर 73 रुपये के स्तर पर आ गया। हालांकि थोड़ी देर बाद ही खरीदारों ने लिवाली शुरू कर दी, जिससे इसकी चाल में तेजी आ गई। खरीदारी के सपोर्ट से ये शेयर उछल कर 77.91 रुपये के अपर सर्किट लेवल पर पहुंच गया। हालांकि इस स्तर पर मुनाफा वसूली शुरू हो जाने के कारण कुछ देर में ही अपर सर्किट ब्रेक हो गया। बाजार में लगातार जारी खरीद-बिक्री के बीच दोपहर 2 बजे ये शेयर 73.95 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहा था। इस तरह अभी तक के कारोबार कंपनी के आईपीओ निवेशकों को प्रति शेयर 6.95 रुपये यानी 10.73 प्रतिशत का मुनाफा हो गया था।

कंपनी का 23.45 करोड़ रुपये का आईपीओ 30 सितंबर से पांच अक्टूबर के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से फीका रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 1.82 गुना सब्सक्राइब हो सका था। इनमें नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 2.63 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। जबकि रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 1.01 गुना सब्सक्राइब हो सका था।

इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 35,00,000 नए शेयर जारी किए गए हैं। आईपीओ के जरिये जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी नई मशीनरी की खरीदारी करने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने, पुराने कर्ज के बोझ को हल्का करने, आईपीओ से जुड़े खर्चों की भरपाई करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।

एसजेपी अल्ट्रासोनिक्स लिमिटेड की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (आरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत में लगातार मजबूती आई है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 3.40 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 4.17 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 5.24 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 15.22 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़त के साथ 21.15 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 26.63 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था।

इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 2.01 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में मामूली बढ़त के साथ 2.41 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें तो इस दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ उछल कर 5.78 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

इस दौरान कंपनी की कुल संपत्ति में भी इजाफा देखा गया। वित्त वर्ष 2023-24 में इसकी कुल संपत्ति 16.97 करोड़ रुपये के स्तर पर थी, जो 2024-25 में बढ़ कर 27.06 करोड़ रुपये हो गई। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें तो इस अवधि में कंपनी की कुल संपत्ति बढ़ कर 35.20 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गई।

रिजर्व और सरप्लस की बात करें तो इस अवधि में कंपनी को इस मोर्चे पर उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ा। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 5.63 करोड़ रुपये के स्तर पर था जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में मामूली गिरावट के साथ 5.41 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें तो इस दौरान कंपनी का रिजर्व और सरप्लस उछल कर 10.65 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी इजाफा दर्ज किया गया। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 6.73 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का नेटवर्थ बढ़ कर 14.85 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में ये 20.09 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 5.43 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 6.93 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का ईबीआईटीडीए उछल कर 8.32 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

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