
- 31 लाख से अधिक सुकन्या समृद्धि खाते, 85 लाख लोग इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक से जुड़े, डिजिटल तकनीक से बदल रहा डाक सेवाओं का स्वरूप
- मुख्य पोस्टमास्टर जनरल विनीत माथुर ने पत्रकार वार्ता में बताईं विभागीय योजनाएं और उपलब्धियां, 9 से 15 अक्टूबर तक राष्ट्रीय डाक सप्ताह के तहत होंगे विविध आयोजन
भोपाल, 09 अक्टूबर (हि.स.)। मध्यप्रदेश में डाक विभाग का व्यापक नेटवर्क आठ करोड़ से अधिक लोगों तक विभिन्न सेवाएं पहुंचा रहा है। प्रदेश के 10,281 डाकघरों के माध्यम से बचत, बैंकिंग, बीमा, आधार, पासपोर्ट, स्पीड पोस्ट और पार्सल जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। डाकघरों में संचालित 1,93,79,284 खातों में 83,611.94 करोड़ रुपये जमा हैं। सुकन्या समृद्धि योजना के अंतर्गत 31 लाख से अधिक खाते खोले जा चुके हैं, जिनमें अभिभावकों ने 9,669.31 करोड़ रुपये जमा किए हैं। वहीं, इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक की सुविधाओं का लाभ प्रदेश के लगभग 85 लाख लोग उठा रहे हैं। डाक विभाग अपनी पारंपरिक सेवाओं के साथ डिजिटल तकनीक और नवाचार को जोड़कर नागरिकों तक सुविधाओं की पहुंच बढ़ाने में जुटा है।
दरअसल, राष्ट्रीय डाक सप्ताह के अवसर पर शुक्रवार को भोपाल स्थित परिमंडल कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में मध्यप्रदेश परिमंडल के मुख्य पोस्टमास्टर जनरल विनीत माथुर ने डाक विभाग की विभिन्न योजनाओं, सेवाओं, उपलब्धियों और नवीन तकनीकों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने मीडिया प्रतिनिधियों को बताया कि डाक विभाग नागरिकों की आवश्यकताओं के अनुरूप अपनी सेवाओं का विस्तार कर रहा है। डाक सप्ताह के माध्यम से आमजन को विभाग की पारंपरिक सेवाओं के साथ वित्तीय समावेशन, फिलेटली, मेल एवं पार्सल सेवाओं तथा डिजिटल सुविधाओं से परिचित कराया जा रहा है।
पत्रकार वार्ता में पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) के निदेशक मनीष गौतम, सहायक निदेशक (ग्राहक संतुष्टि/एसबी) एस.के. पाण्डेय तथा डाक विभाग के अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
आठ करोड़ से अधिक लोगों तक डाक सेवाओं का विस्तार
मध्य प्रदेश डाक परिमंडल के 10,281 डाकघर प्रदेश के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में नागरिकों को विभिन्न सेवाएं उपलब्ध करा रहे हैं। डाकघरों में 1,93,79,284 खातों में जमा 83,611.94 करोड़ रुपये विभाग की बचत योजनाओं और वित्तीय सेवाओं के व्यापक उपयोग को दर्शाते हैं। सुकन्या समृद्धि योजना के 31 लाख से अधिक खाते बालिकाओं के भविष्य के लिए बचत का महत्वपूर्ण माध्यम बने हैं। इन खातों में 9,669.31 करोड़ रुपये की जमा राशि दर्ज की गई है।
मुख्य पोस्टमास्टर जनरल विनीत माथुर ने बताया, इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक के माध्यम से लगभग 85 लाख लोगों को बैंकिंग सुविधाएं मिल रही हैं। डाक विभाग का विस्तृत नेटवर्क वित्तीय सेवाओं को आम नागरिकों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। राष्ट्रीय डाक सप्ताह के दौरान बचत योजनाओं, डाकघर बैंकिंग, बीमा और अन्य वित्तीय सुविधाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
25 केंद्रों पर पासपोर्ट, 468 केंद्रों पर आधार सुविधा
विनीत माथुर ने इसके साथ ही जानकारी दी कि नागरिकों को आवश्यक सेवाएं सुलभ कराने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश में 25 पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र संचालित हैं। इनके माध्यम से पासपोर्ट संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। वहीं, आधार कार्ड बनवाने और उसमें आवश्यक संशोधन कराने के लिए प्रदेश में 468 सेवा केंद्र कार्यरत हैं। डाकघरों के माध्यम से इन सेवाओं की उपलब्धता नागरिकों को स्थानीय स्तर पर सुविधाएं प्राप्त करने में मदद करती है।
उन्होंने कहा, डाक विभाग का लक्ष्य सेवा वितरण को सरल, सुगम और अधिक प्रभावी बनाना है। डिजिटल माध्यमों के विस्तार के साथ नागरिकों को विभागीय सुविधाओं से जोड़ने और सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
छह महीने में 86.53 लाख आर्टिकल्स की बुकिंग और वितरण
इस दौरान माथुर का कहना यह भी था कि मेल एवं पार्सल सेवाएं डाक विभाग की प्रमुख गतिविधियों में शामिल हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, मध्यप्रदेश में अप्रैल 2026 से सितंबर 2026 के बीच स्पीड पोस्ट और पार्सल जैसी सेवाओं के अंतर्गत 86,53,060 आर्टिकल्स की बुकिंग और वितरण किया गया। डाक विभाग का व्यापक नेटवर्क व्यक्तिगत ग्राहकों, व्यापारियों और ई-कॉमर्स क्षेत्र से जुड़े कारोबारियों के लिए महत्वपूर्ण माध्यम है।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय डाक सप्ताह के अंतर्गत 14 अक्टूबर को मेल एवं पार्सल दिवस मनाया जाएगा। इस दौरान डाक और पार्सल सेवाओं की विश्वसनीयता, उपयोगिता तथा व्यापक पहुंच को रेखांकित करते हुए ग्राहकों और व्यापारिक हितधारकों को विभाग की सुविधाओं से परिचित कराया जाएगा।
डाक सेवा ऐप सहित डिजिटल पहलों पर जोर
डाक विभाग अपनी सेवाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए डाक सेवा ऐप, डाक मित्र ऐप, डिजिटल साथी, NGen Post Office और Dak Seva Connect जैसी पहलों को बढ़ावा दे रहा है। इन माध्यमों से नागरिकों को विभागीय सेवाओं से जोड़ने, डिजिटल सुविधाओं के उपयोग को प्रोत्साहित करने तथा सेवा वितरण को अधिक पारदर्शी और सुविधाजनक बनाने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं, राष्ट्रीय डाक सप्ताह का अंतिम दिवस 15 अक्टूबर को प्रौद्योगिकी एवं नवाचार दिवस के रूप में मनाया जाएगा। इस अवसर पर डाक सेवाओं में आधुनिक तकनीक के उपयोग और सेवा वितरण को सरल बनाने के प्रयासों को प्रदर्शित किया जाएगा।
डाक सप्ताह में हर दिन एक विशेष विषय
मुख्य पोस्टमास्टर जनरल विनीत माथुर ने बताया कि राष्ट्रीय डाक सप्ताह के तहत प्रत्येक दिवस को विशेष गतिविधियों के लिए निर्धारित किया गया है। 9 अक्टूबर को विश्व डाक दिवस के साथ सप्ताह की शुरुआत हुई। इस वर्ष की थीम ‘एक डाक नेटवर्क, अनंत संभावनाएं’ है। 12 अक्टूबर को फिलेटली दिवस के माध्यम से डाक टिकट संग्रह और भारतीय इतिहास, कला, संस्कृति एवं विरासत के प्रति विद्यार्थियों तथा युवाओं में रुचि विकसित करने की गतिविधियां होंगी।
13 अक्टूबर को वित्तीय समावेशन दिवस पर बचत योजनाओं, बैंकिंग और बीमा सेवाओं की जानकारी दी जाएगी। 14 अक्टूबर को मेल एवं पार्सल दिवस और 15 अक्टूबर को प्रौद्योगिकी एवं नवाचार दिवस के अंतर्गत संबंधित सेवाओं तथा नई तकनीकों को प्रमुखता से प्रस्तुत किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय डाक सप्ताह का उद्देश्य डाक विभाग की सेवाओं के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना और नागरिकों, विद्यार्थियों, व्यापारियों तथा अन्य हितधारकों की भागीदारी सुनिश्चित करना है। मध्यप्रदेश डाक परिमंडल का व्यापक नेटवर्क, वित्तीय सेवाओं में नागरिकों की भागीदारी और डिजिटल सुविधाओं का विस्तार विभाग की बदलती कार्यप्रणाली को सामने लाता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. मयंक चतुर्वेदी