एनसीआर की वायु गुणवत्ता प्रभावित करने वाले क्षेत्रों की पहचान के लिए विशेषज्ञ उपसमिति गठित

09 Oct 2026 19:38:53
सीएक्यूएम


नई दिल्ली, 09 अक्टूबर (हि.स.)। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने शुक्रवार को एनसीआर की वायु गुणवत्ता पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाले आसपास के क्षेत्रों की पहचान के लिए एक विशेषज्ञ उपसमिति का गठन किया है। यह समिति हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के उन क्षेत्रों की पहचान करेगी, जहां मौजूद प्रदूषण स्रोतों का असर एनसीआर और दिल्ली की वायु गुणवत्ता पर पड़ रहा है।

आयोग ने यह कदम राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग अधिनियम 2021 की धारा 11 की उपधारा (5) के तहत उठाया है।

उपसमिति की अध्यक्षता सीएक्यूएम की तकनीकी सदस्य डॉ. एस.डी. अत्री करेंगी। समिति में आईआईटी (कानपुर) के प्रोफेसर-एमेरिटस मुकेश शर्मा, आईआईटी दिल्ली के प्रोफेसर साग्निक डे, दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के प्रोफेसर और राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय, कोटा के पूर्व कुलपति एस. के. सिंह, पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ के प्रोफेसर रविंद्र खैवाल और सीएसआईआर-नीरी, दिल्ली के वैज्ञानिक ‘जी’ एवं प्रमुख एस. के. गोयल शामिल हैं।

इसके अलावा भारत मौसम विज्ञान विभाग के वैज्ञानिक ‘जी’ विजय सोनी, भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान, पुणे के वैज्ञानिक ‘एफ’ सचिन घुडे, टेरी की निदेशक (जलवायु परिवर्तन एवं वायु गुणवत्ता) सुरुचि भदवाल, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव प्रसून गर्गावा तथा हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों के सदस्य सचिवों को भी समिति में शामिल किया गया है।

सीएक्यूएम के वैज्ञानिक ‘ई’ डॉ. विकास सिंह को उपसमिति का सदस्य-सचिव बनाया गया है।

उपसमिति हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के उन आसपास के क्षेत्रों की पहचान करेगी, जहां मौजूद प्रदूषण स्रोत एनसीआर की वायु गुणवत्ता को प्रभावित कर रहे हैं। इसके साथ इन क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाली प्रमुख प्रदूषणकारी गतिविधियों का भी पता लगाया जाएगा।

समिति के अध्यक्ष जरूरत के अनुसार अन्य विशेषज्ञों को भी उपसमिति में शामिल कर सकेंगे। आयोग ने उपसमिति को अपनी रिपोर्ट दो महीने के भीतर सौंपने का निर्देश दिया। यह आदेश सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के बाद जारी किया गया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी

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