
नई दिल्ली, 01 नवंबर (हि.स.)। अक्टूबर के महीने में सरकारी खजाने में गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) के रूप में रिकॉर्ड पैसा आया है। त्योहारी सीजन के दौरान आर्थिक गतिविधियों में आई तेजी और विदेशों से होने वाले आयात में जोरदार बढ़ोतरी की वजह से पिछले महीने देश का कुल जीएसटी कलेक्शन सालाना आधार पर 23 प्रतिशत की शानदार छलांग लगाते हुए 2.31 लाख करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया है। पिछले चार सालों के दौरान किसी भी एक महीने में दर्ज की गई जीएसटी की यह सबसे तेज विकास दर है। इसके साथ ही अक्टूबर महीन के अंत के साथ ही ये लगातार चौथा ऐसा महीना बन गया है जब सरकार को मिलने वाला मंथली टैक्स कलेक्शन दो लाख करोड़ रुपये के जादुई आंकड़े के पार बना रहा।
इस संबंध में उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान अप्रैल महीने में मिले 2.43 लाख करोड़ रुपये के अब तक के सबसे बड़े मंथली जीएसटी कलेक्शन के बाद अक्टूबर का यह आंकड़ा इस साल का दूसरा सबसे बड़ा टैक्स कलेक्शन वाला आंकड़ा बन गया है। इससे पहले सितंबर महीने में जीएसटी से होने वाली आय में करीब 14.7 प्रतिशत की दर से बढ़ोतरी दर्ज की गई थी।
पिछले महीने यानी अक्टूबर में जीएसटी कलेक्शन में आए इस बड़े उछाल को विदेशी बाजारों से होने वाले इम्पोर्ट से भी बहुत मजबूत सहारा मिला। अक्टूबर के दौरान आयातित वस्तुओं पर लगने वाले जीएसटी में सालाना आधार पर करीब 42.2 प्रतिशत की जबरदस्त बढ़ोतरी देखी गई। इस बढ़ोतरी के कारण इस मद में कलेक्ट हुई राशि बढ़ कर 72,246 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। वहीं, अगर देश के भीतर होने वाली व्यावसायिक गतिविधियों यानी घरेलू जीएसटी रेवेन्यू की बात करें तो इसकी रफ्तार थोड़ी स्थिर रही और यह करीब 15.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 1.59 लाख करोड़ रुपये दर्ज की गई। टैक्स रिफंड की रकम को घटाने के बाद सरकार का नेट जीएसटी रेवेन्यू भी 25.6 प्रतिशत की जोरदार प्रगति के साथ 2.03 लाख करोड़ रुपये के स्तर पर जा पहुंचा।
अगर राज्यों की भागीदारी की बात की जाए तो हमेशा की तरह घरेलू टैक्स देने के मामले में महाराष्ट्र देश का सबसे अग्रणी राज्य बना हुआ है। महाराष्ट्र से मिलने वाला टैक्स रेवेन्यू पिछले साल के मुकाबले 13 प्रतिशत की बढ़त के साथ 35,150 करोड़ रुपये रहा। इसके बाद कर्नाटक से 15,922 करोड़ रुपये और गुजरात से 13,516 करोड़ रुपये का टैक्स मिला। उत्तर प्रदेश का प्रदर्शन भी इस महीने काफी जबरदस्त रहा, जहां से कुल 10,235 करोड़ रुपये का जीएसटी कलेक्ट किया गया। उत्तर प्रदेश में अक्टूबर के महीने में हुआ जीएसटी कलेक्शन पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 24 प्रतिशत की बड़ी ग्रोथ को दर्शाता है।
टैक्स कलेक्शन के ग्रोथ पर्सेंट के लिहाज से देखें तो असम ने इस बार बाजी मारी है, जहां से टैक्स संग्रह में 47 प्रतिशत का रिकॉर्ड उछाल देखा गया और यह 1,934 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इसी तरह झारखंड और मध्य प्रदेश में भी क्रमशः 31 प्रतिशत और 29 प्रतिशत की बेहतरीन तेजी दर्ज की गई, जबकि तमिलनाडु में यह रफ्तार बहुत धीमी रही और वहां सिर्फ 3 प्रतिशत का ही सुधार देखा गया। दूसरी ओर, हिमाचल प्रदेश देश का अकेला ऐसा राज्य रहा, जहां टैक्स कलेक्शन में दो प्रतिशत की गिरावट आई है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक