
नई दिल्ली, 01 नवंबर (हि.स.)। केन्द्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने रविवार को भूटान के गेलेफू माइंडफुलनेस सिटी में 108 स्तूपों के निर्माण और अभिषेक समारोह में भारत सरकार का प्रतिनिधित्व किया। इस समारोह का नेतृत्व भूटान के नरेश जिग्मे खेसर नामगेल वांगचुक ने किया।
सरकार के अनुसार निर्माण समारोह में रिजिजू की उपस्थिति भारत और भूटान के लोगों के बीच साझा आध्यात्मिक और सांस्कृतिक संबंधों तथा घनिष्ठ मित्रता की अभिव्यक्ति है। इस परियोजना का उद्देश्य गेलेफू माइंडफुलनेस सिटी को वज्रयान बौद्ध धर्म के एक प्रमुख केंद्र के रूप में प्रदर्शित करना और साथ ही भूटानी लोगों के मूल्यों और संस्कृति का प्रतिनिधित्व करना है।
उल्लेखनीय है कि 108 स्तूप परियोजना की परिकल्पना भूटान के नरेश ने की थी और उन्होंने ही इसके कार्यान्वयन का मार्गदर्शन भी किया। असम की सीमा के निकट गेलेफू माइंडफुलनेस सिटी में ऐ (माऊ) नदी के किनारे 11.7 किलोमीटर के क्षेत्र में हजारों स्वयंसेवकों ने एक ही दिन में 15 मीटर ऊंचे और एक-दूसरे से 108 मीटर की दूरी पर स्थित 108 स्तूपों का निर्माण किया।
भूटान के नरेश और प्रधानमंत्री तथा मंत्री रिजिजू ने स्तूप संख्या 76 पर प्रार्थना की। भूटान के नरेश ने गेलेफू माइंडफुलनेस सिटी के प्रति प्रधानमंत्री मोदी की प्रतिबद्धता और अटूट समर्थन के लिए समर्पित किया था। रिजिजू ने प्रधानमंत्री मोदी की ओर से भूटान के नरेश को परियोजना के अंतर्गत स्तूप समर्पित करने के इस सम्मान के लिए आभार व्यक्त किया।
भूटान की अपनी यात्रा (31 अक्टूबर से 2 नवंबर) के दौरान रिजिजू ने भूटान के नरेश जिग्मे खेसर नामगेल वांगचुक से मुलाकात की और भूटान के प्रधानमंत्री दाशो शेरिंग तोबगे से भी मिले।
दोनों पक्षों ने दोनों देशों के बीच विशेष मित्रता और विकास सहयोग, व्यापार, ऊर्जा, निवेश, संपर्क और सांस्कृतिक संबंधों जैसे विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग की सकारात्मक प्रगति की सराहना की।
रिजिजू ने गेलेफू माइंडफुलनेस सिटी की दूरदर्शी परियोजना के लिए भारत के समर्थन और भूटान के साथ मिलकर भारत के पड़ोसी क्षेत्रों के विकास में इसकी भूमिका की पुष्टि की।
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हिन्दुस्थान समाचार / अनूप शर्मा