केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह 2 से 3 नवंबर तक सिक्किम के दौरे पर रहेंगे

01 Nov 2026 19:18:53
केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन (फोटो- सोशल मीडिया एक्स @राजीव रंजन)


पीएमएमएसवाई के तहत 375 लाख रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन किया जाएगा

नई दिल्ली, 01 नवंबर (हि.स.)। केंद्रीय मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह 2 से 3 नवंबर तक सिक्किम के गंगटोक और मंगन जिलों का दौरा करेंगे। इस दौरान केंद्रीय मंत्री मत्स्य पालन के विकास से जुड़ी पहलों की समीक्षा करेंगे।

मंत्रालय ने रविवार को अपने बयान में बताया कि केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन ऑर्गेनिक फिश फार्मिंग के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का शुभारंभ करेंगे। साथ ही प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (पीएमएमएसवाई) के तहत 375 लाख रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे और मछली पालकों के साथ संवाद करेंगे। यह दौरा प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में पूर्वोत्तर क्षेत्र में केंद्रीय मंत्रियों के समय-समय पर दौरे के लिए बनाई गई सुव्यवस्थित व्यवस्था के तहत किया जा रहा है।

इसका उद्देश्य विकास कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन में सहयोग देना और जमीनी स्तर पर उनकी प्रगति एवं चुनौतियों के संबंध में फीडबैक प्राप्त करना है। केंद्रीय मंत्री मछली पालकों को किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) वितरित करेंगे और मुख्यमंत्री मत्स्य उत्पादन योजना (एमएमएमयूवाई) के तहत मछली पालकों को चेक भी प्रदान करेंगे।

केंद्रीय मंत्री सिंह मंगशिला स्थित लाइव फिश वेंडिंग सेंटर के दौरे के दौरान मत्स्य पालक सहकारी समिति के सदस्यों के साथ भी संवाद करेंगे। इस दौरान वे मछली विपणन और सहकारी गतिविधियों से जुड़ी जमीनी आवश्यकताओं को समझेंगे। इसके अतिरिक्त, वे डीएसी, मंगन में मत्स्य पालन के विकास तथा प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (पीएमएमएसवाई) के तहत किए जा रहे कार्यों की समीक्षा करेंगे और योजनाओं के क्रियान्वयन से जुड़ी समस्याओं पर मत्स्य पालन क्षेत्र के हितधारकों से फीडबैक प्राप्त करेंगे। इन संवादों और बैठकों से सिक्किम में मत्स्य पालन के विकास से जुड़ी आवश्यकताओं का आकलन करने में मदद मिलेगी, विशेष रूप से दूरदराज और भौगोलिक रूप से दुर्गम क्षेत्रों में।

इस दौरे में सिक्किम सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, मंगन जिला प्रशासन के अधिकारी, भारत सरकार के मत्स्य पालन विभाग, संबंधित मंत्रालयों, मत्स्य पालन से जुड़े आईसीएआर संस्थानों के प्रतिनिधि, मछली पालक, मत्स्य पालक सहकारी समितियों तथा मत्स्य पालक उत्पादक संगठनों के प्रतिनिधि भी भाग लेंगे।

इस दौरे से सिक्किम और व्यापक पूर्वोत्तर क्षेत्र में आधुनिक, सतत और बाजार-उन्मुख मत्स्य पालन व्यवस्था के विकास को और गति मिलने की उम्मीद है। बुनियादी ढांचे के विकास, जैविक मत्स्य पालन, प्रमाणन एवं उत्पादों की आपूर्ति श्रृंखला पर नजर रखने की व्यवस्था, मूल्य संवर्धन तथा बाजार से बेहतर जुड़ाव को बढ़ावा देने वाली ये पहल मछली पालकों की आय बढ़ाने, आजीविका के नए अवसर सृजित करने और प्रीमियम घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक उनकी पहुंच बेहतर बनाने में सहायक होंगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / रामानुज शर्मा

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