
चार गुणे 100 और चार गुणे 400 मीटर रिले में जीता स्वर्ण, दोहरी उपलब्धि से बढ़ाया मान
वाराणसी, 01 नवंबर (हि.स.)। प्रदेश स्तरीय समन्वय जूनियर बालक एथलेटिक्स प्रतियोगिता में वाराणसी के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दोहरी उपलब्धि हासिल की। प्रतियोगिता में वाराणसी की टीम ने चार गुणे 100 मीटर और चार गुणे 400 मीटर रिले स्पर्धा में प्रथम स्थान प्राप्त कर अपना दबदबा कायम किया।
उत्तर प्रदेश खेल निदेशालय, लखनऊ एवं उत्तर प्रदेश एथलेटिक्स संघ के समन्वय से आयोजित दो दिवसीय प्रतियोगिता का समापन रविवार को सिगरा स्थित डॉ. संपूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम में हुआ। इसमें प्रदेश के 18 मंडलों की टीमों ने प्रतिभाग किया।
समापन समारोह के मुख्य अतिथि अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित एवं जिला एथलेटिक्स संघ, वाराणसी के सचिव रमेश कुमार यादव ने विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कृत कर सम्मानित किया। इससे पहले क्षेत्रीय खेल कार्यालय के क्रीड़ा अधिकारी नवीन कुमार सिंह ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया।
प्रतियोगिता की विभिन्न स्पर्धाओं में खिलाड़ियों ने दमदार प्रदर्शन किया। त्रिकूद में चित्रकूट के लक्ष्मी प्रसाद ने प्रथम, बस्ती के सनी ने द्वितीय और आजमगढ़ के सचिन कन्नौजिया ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। 800 मीटर दौड़ में वाराणसी के नीरज प्रथम और राहुल पाल द्वितीय रहे। 400 मीटर बाधा दौड़ में बरेली के अफरोज बाबू ने पहला, गोरखपुर के मोहम्मद शाहिद ने दूसरा और अलीगढ़ के शिवम सिरोही ने तीसरा स्थान हासिल किया।
ऊंची कूद में अयोध्या के कुनाल सिंह प्रथम, चित्रकूट के अतुल कुमार द्वितीय और अयोध्या के दिव्यांशु पांडेय तृतीय स्थान पर रहे। भाला फेंक स्पर्धा में लखनऊ के शिवा कुमार ने पहला, आजमगढ़ के सुमित कुमार ने दूसरा और बस्ती के रितेश ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। वहीं, 200 मीटर दौड़ में चित्रकूट के शिवकुमार प्रथम, वाराणसी के अंकित पाल द्वितीय और आगरा के यश चौधरी तृतीय रहे।
रिले स्पर्धाओं में वाराणसी की टीम ने शानदार प्रदर्शन किया। चार गुणे 100 मीटर रिले में वाराणसी ने पहला, बरेली ने दूसरा और अयोध्या ने तीसरा स्थान हासिल किया। इसी तरह चार गुणे 400 मीटर रिले में भी वाराणसी की टीम विजेता रही, जबकि बरेली दूसरे और बस्ती तीसरे स्थान पर रही। प्रतियोगिता की जानकारी वाराणसी मंडल के क्रीड़ा अधिकारी ने दी। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता का सफल संचालन कनाई चन्द्र तलापात्र ने किया।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी