दिल्ली-एनसीआर में ग्रैप-2 की पाबंदियां लागू

02 Nov 2026 19:33:53
सीएक्यूएम


नई दिल्ली, 02 नवंबर (हि.स.)। दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण की स्थिति लगातार बिगड़ने के बीच वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) के दूसरे चरण की पांबदियां तत्काल प्रभाव से लागू कर दी हैं। सोमवार को दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई ) 324 दर्ज किया गया, जो ‘बेहद खराब’ श्रेणी में आता है।

आयोग की ग्रैप उप-समिति ने दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता की स्थिति और भारतीय मौसम विज्ञान विभाग तथा आईआईटीएम द्वारा जारी पूर्वानुमानों की समीक्षा की। समीक्षा में सामने आया कि दिल्ली की वायु गुणवत्ता में तेजी से गिरावट आई है और आने वाले दिनों में भी एक्यूआई के बेहद खराब श्रेणी में बने रहने की आशंका है। प्रतिकूल मौसम परिस्थितियों को प्रदूषण बढ़ने का प्रमुख कारण बताया गया है।

इसके साथ ही ग्रैप के पहले चरण के सभी उपाय भी पहले की तरह जारी रहेंगे।

आयोग के अनुसार, दिल्ली का एक्यूआई 31 अक्टूबर को 117 यानी मध्यम श्रेणी में था। इसके बाद 1 नवंबर को यह बढ़कर 261 यानी खराब श्रेणी में पहुंच गया। वहीं 2 नवंबर को एक्यूआई में और वृद्धि दर्ज की गई और यह 324 हो गया, जो बेहद खराब श्रेणी में है।

सड़कों की सफाई और पानी का छिड़काव बढ़ेगा

ग्रैप-2 के तहत दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण नियंत्रण के लिए कई अतिरिक्त कदम उठाए जाएंगे।

ग्रैप दो लागू होने के बाद संबंधित एजेंसियों को प्रमुख सड़कों पर रोजाना मैकेनिकल और वैक्यूम स्वीपिंग के साथ पानी का छिड़काव करने के निर्देश दिए गए हैं। विशेष रूप से रात और सुबह के समय सफाई अभियान तेज करने को कहा गया है।

भारी यातायात वाले मार्गों और जाम वाले स्थानों पर धूल नियंत्रण के लिए पानी के साथ धूल दबाने वाले पदार्थों का छिड़काव किया जाएगा। दिल्ली-एनसीआर के प्रदूषण हॉटस्पॉट पर विशेष अभियान चलाने और निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण के नियमों का सख्ती से पालन कराने के लिए निरीक्षण बढ़ाए जाएंगे।

निजी वाहनों के इस्तेमाल को हतोत्साहित करने के लिए पार्किंग शुल्क बढ़ाने का भी प्रावधान किया गया है। इसके अलावा सर्दियों में खुले में कचरा और बायोमास जलाने से रोकने के लिए रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन को सुरक्षा, सफाई और अन्य कर्मचारियों के लिए बिजली से चलने वाले हीटर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

ग्रैप-2 के तहत दिल्ली सरकार और एनसीआर के संबंधित राज्य सरकारों को दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद तथा गौतमबुद्ध नगर में सरकारी कार्यालयों और नगर निकायों के कामकाज के समय में बदलाव करने के निर्देश दिए गए हैं। एनसीआर के अन्य क्षेत्रों में भी राज्य सरकारें इस संबंध में निर्णय ले सकती हैं।

दिल्ली-एनसीआर में केंद्र सरकार के कार्यालयों के समय में बदलाव पर केंद्र सरकार निर्णय ले सकती है।

आयोग ने लोगों को सार्वजनिक परिवहन का अधिक इस्तेमाल करने और निजी वाहनों का उपयोग कम करने की सलाह दी है।

इसके अलावा कम जाम वाले रास्तों का इस्तेमाल करने, वाहनों के एयर फिल्टर नियमित रूप से बदलने, अक्टूबर से जनवरी के बीच धूल पैदा करने वाली निर्माण गतिविधियों से बचने, खुले में कचरा और बायोमास न जलाने तथा रिहायशी क्षेत्रों में खुले में धुआं पैदा करने वाली गतिविधियों से बचने को कहा गया है।

जिन कर्मचारियों के काम की प्रकृति अनुमति देती है, उन्हें घर से काम करने की सलाह भी दी गई है।

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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी

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