हवाई अड्डों के शुल्क और कर कम होने से भारतीय बाजार में विमानन क्षेत्र के विस्तार को बढ़ावा मिलेगा : विली वॉल्श

युगवार्ता    02-Nov-2026
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प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए इंडिगो के सीईओ विली वॉल्श


नई दिल्ली, 02 नवंबर (हि.स.)। इंडिगो के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) विली वॉल्श ने सोमवार को कहा कि भारत में एयरपोर्ट शुल्क बहुत अधिक हैं, इन्हें कम करने के साथ-साथ करों में कटौती से विमानन क्षेत्र को विस्तार का मौका मिलेगा। वॉल्श ने कहा कि सभी संबंधित पक्षों को अपनी लागत पर भी ध्यान देने की जरूरत है, ताकि विमानन क्षेत्र को आगे बढ़ने के ज्यादा मौके मिल सकें।

नई दिल्ली में एक प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने कहा कि भारत में विमानन क्षेत्र से जुड़े सभी पक्षों को अपनी लागत कम करने पर भी ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि एयरलाइंस कंपनियां एयरपोर्ट से बेहतर सुविधाएं और कम कीमत पर सेवाएं देने की उम्मीद करती हैं। उन्होंने कहा कि विमानन क्षेत्र में कई एयरपोर्ट का प्रभावी रूप से एकाधिकार है, ऐसे में उनकी कीमतों पर ध्यान देना जरूरी है। अगस्त में सीईओ का पदभार संभालने के बाद वॉल्श ने पहली बार प्रत्यक्ष रूप से अपनी बात रखी और कहा कि विमानन कंपनी को 2028 की दूसरी तिमाही से चौड़े आकार वाले ए350 विमान मिलने शुरू होने की उम्मीद है।

उन्होंने कहा कि लंबी दूरी की उड़ानों के बाजार में सफल होने के लिए इंडिगो के पास सभी आवश्यक खूबियां हैं। विली वॉल्श ने कहा कि ए350 विमानों में तीन श्रेणियों वाली सीट व्यवस्था होगी। उन्होंने कहा कि इसमें बिजनेस श्रेणी में पूरी तरह ‘बेड’ बन जाने वालीं 16 सीट के साथ प्रीमियम इकोनॉमी और इकोनॉमी श्रेणी की सीट होंगी। कंपनी को कई अवसर दिख रहे हैं और वह विमानन उद्योग की चुनौतियों से निपटेगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि विमानन कंपनी का ध्यान लागत आधार को बेहतर बनाए रखने पर है।

उल्लेखनीय है कि जुलाई-सितंबर तिमाही में इंडिगो को 1,879.1 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है, एटीएफ की बढ़ती कीमतें और रुपये की गिरती वैल्यू ने मुनाफे को प्रभावित किया है। इन मुश्किल हालात के बीच एयरलाइन ने अपनी क्षमता भी कम कर दी थी। इंडिगो रोजाना 2,100 से भी ज्यादा उड़ानें संचालित करती है और फिलहाल इसके बेड़े में 400 से ज्यादा विमान शामिल हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर

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