भारत जैसे मजबूत लोकतंत्र में सत्ता परिवर्तन लोकतांत्रिक प्रक्रिया से होता है: आदित्य टकियार

03 Nov 2026 22:36:53

नई दिल्ली, 03 नवंबर (हि.स.)। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के राष्ट्रीय मंत्री आदित्य टकियार ने इस महामार्च के संदर्भ में कहा कि भारत जैसे मजबूत लोकतंत्र में सत्ता परिवर्तन लोकतांत्रिक प्रक्रिया से होता है, अराजकता से नहीं।

आदित्य टकियार ने मंगलवार को दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) कैंपस में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, भारत का युवा किसी विदेशी एजेंडे का हिस्सा बनने के बजाय राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाएगा। विपक्ष और सीजेपी जैसे संगठनों पर विदेशी प्रभाव के जो सवाल उठ रहे हैं, उनका जवाब देश को मिलना चाहिए। कल डीयू की सड़कों पर छात्रों का हुजूम यह संदेश देगा कि भारत का युवा लोकतंत्र की रक्षा और राष्ट्रीय एकता के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

इसमें 'अराजकता हटाओ, लोकतंत्र बचाओ' के नारे के साथ आयोजित होने वाली महारैली में देशभर से 15 हजार से अधिक छात्र-छात्राओं के शामिल होने का दावा किया गया है। यह मार्च मुख्य रूप से उन कथित विघटनकारी शक्तियों के खिलाफ बुलाया गया है, जिन पर अभाविप ने लोकतंत्र और असहमति की आड़ में संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप लगाया है।

उन्होंने कहा कि राजनीतिक हताशा से ग्रस्त विपक्ष के कुछ दल, वामपंथी संगठन और 'सीजेपी' जैसी संस्थाएं विदेशी फंडिंग के जरिए देश में अस्थिरता का माहौल पैदा कर रही हैं। अभाविप का कहना है कि नेहा बोरा जैसे व्यक्तियों और वामपंथी गुटों द्वारा विरोध के नाम पर जो विमर्श गढ़ा जा रहा है, वह व्यवस्था को अस्थिर करने और संस्थाओं के प्रति अविश्वास पैदा करने की एक सुनियोजित साजिश है।

अभाविप दिल्ली के प्रदेश मंत्री सार्थक शर्मा ने युवाओं की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि हमारा राष्ट्रवाद केवल सोशल मीडिया के हैशटैग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारे कर्तव्यबोध का प्रतीक है। देश को बदलाव के लिए विदेशी एजेंडों, हिंसा या आगजनी की नहीं बल्कि सकारात्मक आंदोलनों और रचनात्मक विचारों की जरूरत है।

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ के अध्यक्ष यश डबास ने चेतावनी देते हुए कहा कि डीयू के छात्रों को किसी राजनीतिक या विघटनकारी एजेंडे का मोहरा बनाने की कोशिश कभी सफल नहीं होगी। जो लोग राष्ट्रीय संस्थाओं को कमजोर करने के लिए छात्रों का इस्तेमाल करना चाहते हैं, उन्हें कल कड़ा जवाब मिलेगा। डूसू विश्वविद्यालय परिसरों को हिंसा और अराजकता का केंद्र नहीं बनने देंगे।

अभाविप ने दिल्ली विश्वविद्यालय समेत देशभर के छात्रों से बुधवार को होने वाली इस महारैली में अधिकाधिक संख्या में शामिल होने का आह्वान किया है। संगठन का कहना है कि यह मार्च 'भारत प्रथम' की भावना के साथ राष्ट्र की एकता, अखंडता और संस्थागत गरिमा के पक्ष में छात्रों की सामूहिक एकजुटता का प्रदर्शन होगा। कल होने वाले इस बड़े प्रदर्शन पर राजधानी के राजनीतिक और छात्र हलकों की नजरें टिकी रहेंगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्रद्धा द्विवेदी

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