स्टॉक मार्केट में एसएफसी एनवायरनमेंटल टेक की मजबूत शुरुआत, प्रीमियम लिस्टिंग के बाद लगा अपर सर्किट

03 Nov 2026 14:32:53
प्रतीकात्मक


नई दिल्ली, 03 नवंबर (हि.स.)। इनवायरनमेंट टेक्नोलॉजी सेक्टर की कंपनी एसएफसी एनवायरनमेंटल टेक्नोलॉजीज लिमिटेड के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में प्रीमियम एंट्री कर दिवाली के पहले अपने आईपीओ निवेशकों को बढ़िया मुनाफा करा दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 330 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई पर इसकी लिस्टिंग 7.29 प्रतिशत डिस्काउंट के साथ 354.05 रुपये के स्तर पर और एनएसई पर इसकी लिस्टिंग 7.61 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 355.10 रुपये के स्तर पर हुई।

मजबूत लिस्टिंग के बाद खरीदारों ने लिवाली शुरू कर दी, जिससे इस शेयर की स्थिति में सुधार होने लगा। लगातार हो रही खरीदीरी के सपोर्ट से ये शेयर कुछ देर में ही उछल कर 426.10 रुपये के अपर सर्किट लेवल तक पहुंच गया। इस तरह पहले दिन के कारोबार में ही कंपनी के आईपीओ निवेशकों को प्रति शेयर 96.10 रुपये यानी 29.12 प्रतिशत का फायदा हो गया।

इस कंपनी का 667.53 करोड़ रुपये का आईपीओ 27 से 29 अक्टूबर के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से एवरेज रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 6.93 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 18.80 गुना (एक्स एंकर) सब्सक्राइब हुआ था। इसी तरह नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 12.79 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसके अलावा रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 2.66 गुना सब्सक्राइब हुआ था।

इस आईपीओ के तहत 2 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 2,02,28,204 शेयर जारी किए गए हैं। यह इश्यू के तहत लगभग 150 करोड़ रुपये मूल्य के 45,45,454 नए शेयर जारी किए गए हैं, जबकि प्रमोटरों और अन्य शेयरहोल्डर्स द्वारा 517.53 करोड़ रुपये मूल्य के 1,56,82,750 शेयरों की बिक्री ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिए की गई है। आईपीओ में नए शेयरों की बिक्री से जुटाए गए 150 करोड़ रुपये के शुद्ध फंड में से 42.23 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कंपनी और उसकी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी वसुधा वेस्ट ट्रीटमेंट प्राइवेट लिमिटेड द्वारा लिए गए कुछ बकाया कर्जों के प्रीपेमेंट के लिए किया जाएगा। इसके अलावा 74.92 करोड़ रुपये कंपनी की वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और शेष राशि सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए उपयोग की जाएगी।

एसएफसी एनवायरनमेंटल टेक्नोलॉजीज लिमिटेड की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कंपनी द्वारा सेबी के पास जमा किए गए रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस में दी गई जानकारी के अनुसार कंपनी की वित्तीय सेहत में पिछले वित्त वर्षों के दौरान शानदार सुधार हुआ है। वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी को 152.01 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ (प्रॉफिट आफ्टर टैक्स) हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2025-26 में 5 प्रतिशत की बढ़त के साथ 160.21 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक कंपनी को 1.48 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका था।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी लगातार भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई। वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी को 726.96 करोड़ रुपये का कुल राजस्व (टोटल इनकम) प्राप्त हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2025-26 में 13 प्रतिशत की शानदार बढ़त के साथ 821.27 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक कंपनी को 137.90 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हो चुका था।

इस अवधि में कंपनी के विस्तार के साथ उस पर लदे कर्ज के बोझ में बढ़ोतरी देखने को मिली है। वित्त वर्ष 2024-25 के अंत में कंपनी पर कुल 83.71 करोड़ रुपये का कर्ज था, जो अगले वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़कर 195.64 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून तक कंपनी पर कुल 204.77 करोड़ रुपये का कर्ज दर्ज किया गया था।

कंपनी की कुल संपत्ति (टोटल एसेट्स) में भी इस दौरान मजबूती बनी रही। वित्त वर्ष 2024-25 के अंत में कंपनी की कुल संपत्ति 999.47 करोड़ रुपये के स्तर पर थी, जो वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़कर 1,323.43 करोड़ रुपये हो गई। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के अंत यानी 30 जून 2026 तक कंपनी की कुल संपत्ति 1,224.56 करोड़ रुपये दर्ज की गई।

रिजर्व और सरप्लस की बात करें तो कंपनी ने इस मोर्चे पर भी लगातार मजबूती हासिल की है। वित्त वर्ष 2024-25 के अंत में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 628.54 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो अगले वित्त वर्ष 2025-26 के अंत में बढ़कर 782.63 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून तक यह और बढ़कर 784.14 करोड़ रुपये हो चुका था।

इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी लगातार बड़ा इजाफा दर्ज किया गया। वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी का नेटवर्थ 648.68 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़कर 804.17 करोड़ रुपये हो गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के अंत यानी 30 जून तक कंपनी का नेटवर्थ 805.49 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।

इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी का ईबीआईटीडीए 207.48 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़कर 235.81 करोड़ रुपये हो गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के अंत यानी 30 जून तक कंपनी का ईबीआईटीडीए 9.86 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

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