मनु भाकर 2026–2030 के लिए आईएसएसएफ एथलीट्स कमेटी का चुनाव लड़ेंगी

03 Nov 2026 18:15:53
मनु भाकर फोटो @मनु भाकर एक्स अकाउंट


नई दिल्ली, 03 नवंबर (हि.स.)। भारत की दो बार की ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर 2026-2030 के कार्यकाल के लिए इंटरनेशनल शूटिंग स्पोर्ट फेडरेशन (आईएसएसएफ) एथलीट्स कमेटी का चुनाव लड़ने जा रही हैं। उन्हें पिस्टल वर्ग से उम्मीदवार के रूप में नामित किया गया है। इस वर्ग में दो पदों के लिए कुल 10 उम्मीदवार मैदान में हैं।

भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ के अनुसार मनु भाकर ने चुनाव के लिए खिलाड़ियों पर केंद्रित अपना विजन भी सामने रखा है। उनका उद्देश्य दुनियाभर के निशानेबाजों के लिए खेल को अधिक सुरक्षित, सहयोगात्मक और बेहतर बनाना है। मनु का मानना है कि अपने खेल के भविष्य को तय करने वाले फैसलों में खिलाड़ियों की आवाज अधिक मजबूत होनी चाहिए। उनका विजन एक खिलाड़ी के सफर के अहम पहलुओं पर केंद्रित है, जिसमें प्रतियोगिता के प्रारूप और आर्थिक अवसरों से लेकर, मानसिक स्वास्थ्य, करियर की सुरक्षा और खेल के प्रशासनिक ढांचे में खिलाड़ियों का प्रतिनिधित्व शामिल है।

मनु भाकर के एजेंडे में पुरुषों की 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल स्पर्धा के भविष्य को सुरक्षित रखना प्रमुख प्राथमिकता है। वह चाहती हैं कि इस स्पर्धा को ओलंपिक कार्यक्रम में बनाए रखने के लिए प्रयास किए जाएं। उनका लक्ष्य ओलंपिक चक्रों के दौरान तकनीकी नियमों में अधिक स्थिरता की वकालत करना भी है, ताकि एथलीट बेहतर निरंतरता और आत्मविश्वास के साथ तैयारी कर सकें।

इसके अलावा वह आईएसएसएफ विश्व कप में बेहतर इनामी राशि के लिए जोर देना चाहती हैं। साथ ही वह ऐसे टीवी-अनुकूल प्रतियोगिता प्रारूपों के जरिए व्यावसायिक अवसरों को बढ़ाना चाहती हैं, जो प्रसारकों और प्रायोजकों को आकर्षित कर सकें और खिलाड़ियों के लिए अधिक मूल्य पैदा कर सकें।

मनु भाकर शूटिंग खेल को दुनियाभर में अधिक लोकप्रिय बनाने के लिए सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म का बेहतर इस्तेमाल करने की भी पक्षधर हैं। उनके विजन में खिलाड़ियों की समस्याओं को सीधे आईएसएसएफ नेतृत्व तक पहुंचाने के लिए प्रभावी व्यवस्था तैयार करना भी शामिल है। वह खिलाड़ियों की शिकायतों के समाधान के लिए सुरक्षित और गोपनीय व्यवस्था बनाने की वकालत करेंगी, ताकि उनकी समस्याओं का समय पर और पारदर्शी तरीके से निपटारा हो सके।

मनु व्यावहारिक वित्तीय सुरक्षा और करियर-बदलाव के ऐसे रास्तों की वकालत करना चाहती हैं, जो एथलीटों को खेल से संन्यास लेने के बाद एक स्थिर जीवन बनाने में मदद कर सकें। अपनी उम्मीदवारी पर मनु भाकर ने कहा कि आईएसएसएफ एथलीट्स कमेटी के लिए नामित होना मेरे लिए सम्मान की बात है। उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि खिलाड़ियों को केवल खेल का हिस्सा नहीं होना चाहिए, बल्कि उन्हें इसके भविष्य को तय करने में भी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।

उन्होंने आगे कहा कि मेरा लक्ष्य प्रतियोगिता के नियमों में अधिक स्थिरता, बेहतर वित्तीय और व्यावसायिक अवसर, खिलाड़ियों के कल्याण के लिए मजबूत व्यवस्था और अपनी समस्याएं रखने के लिए अधिक सुलभ मंच उपलब्ध कराने की दिशा में काम करना है। मैं एक ऐसा माहौल बनाने में योगदान देना चाहती हूं जहां एथलीटों की बात सुनी जाए, उन्हें समर्थन मिले और वे अपने खेल करियर के दौरान और उसके बाद भी खुद को सुरक्षित महसूस करें।

आईएसएसएफ एथलीट्स कमेटी के चुनाव दो चरणों में हो रहे हैं। पहला चरण 17 से 19 अक्टूबर तक काहिरा में आयोजित विश्व चैंपियनशिप 300 मीटर राइफल के दौरान हुआ, जबकि दूसरा चरण 3 से 13 नवंबर तक दोहा में होने वाली आईएसएसएफ विश्व चैंपियनशिप राइफल/पिस्टल/शॉटगन' के दौरान आयोजित किया जा रहा है।

आईएसएसएफ एथलीट्स कमेटी खिलाड़ियों और अंतरराष्ट्रीय गवर्निंग बॉडी के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में काम करती है। यह खिलाड़ियों को एक ऐसा मंच प्रदान करती है, जहां वे शूटिंग खेल के विकास और संचालन से जुड़ी चर्चाओं में अपना योगदान दे सकते हैं। इसकी जिम्मेदारियों में खिलाड़ियों से फीडबैक लेना, नियमों और विनियमों पर सलाह देना, बेहतर प्रतियोगिता स्थितियों और खिलाड़ियों के कल्याण की वकालत करना, तथा 'क्लीन स्पोर्ट' (निष्पक्ष और स्वच्छ खेल) को बढ़ावा देने की दिशा में काम करना शामिल है।---------------

हिन्दुस्थान समाचार / वीरेन्द्र सिंह

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