केंद्र ने ऊर्जा भंडारण प्रणाली के लिए 14,500 करोड़ रुपये की योजना को दी मंजूरी

04 Nov 2026 15:46:53
मीडिया ब्रीफिंग में इसकी जानकारी देते सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव


नई दिल्ली, 04 नवंबर (हि.स.)। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को देश की बिजली ग्रिड को मजबूत करने और नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने को लेकर चालू वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 के लिए ग्रिड-स्तरीय ऊर्जा भंडारण प्रणालियों के लिए 14,500 करोड़ रुपये की व्यवहार्यता अंतर निधि योजना को अपनी मंजूरी दी है।

सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्वनी वैष्णव ने यहां पत्रकार वार्ता में बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आज चालू वित्त वर्ष 2026-27 से वित्त वर्ष 2030-31 के बीच 92 गीगावॉट घंटे के ग्रिड-स्केल एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (ऊर्जा भंडारण प्रणालियों) के लिए 14,500 करोड़ रुपये की 'वायबिलिटी गैप फंडिंग' को मंजूरी दे दी है।

वैष्णव ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य देशभर में 92 गीगावॉट घंटे की नई ऊर्जा भंडारण क्षमता के विकास में सहयोग करना है। यह कदम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत ने 2030 तक 500 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है।

उन्होंने बताया कि इस योजना का उद्देश्य तीन तरह की तकनीकों के जरिए 92 गीगावॉट प्रति घंटे की स्टोरेज क्षमता विकसित करने में मदद करना है। इनमें बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम को (30 गीगावाट घंटे), पंप्ड स्टोरेज प्रोजेक्ट्स (60 गीगावाट घंटे) और उभरती हुई स्टोरेज तकनीकें (2 गीगावाट घंटे) शामिल हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर

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