अजवा प्रोजेक्ट्स ने निवेशकों को किया निराश, फ्लैट लिस्टिंग के बाद लगा लोअर सर्किट

युगवार्ता    04-Nov-2026
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प्रतीकात्मक


नई दिल्ली, 04 नवंबर (हि.स.)। सिविल कंस्ट्रक्शन सेक्टर की कंपनी अजवा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में फ्लैट एंट्री कर अपने आईपीओ निवेशकों को निराश कर दिया। इन निवेशकों को उस समय और झटका लगा, जब बिकवाली के दबाव में इस शेयर पर लोअर सर्किट लग गया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 203 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर इसकी लिस्टिंग बिना किसी बदलाव के 203 रुपये के स्तर पर हुई।

फ्लैट लिस्टिंग के बाद बिकवाली का दबाव बन गया, जिसकी वजह से ये शेयर इश्यू प्राइस से भी नीचे आ गया। लगातार हो रही बिकवाली के कारण ये शेयर कुछ देर में ही फिसल कर 192.85 रुपये के लोअर सर्किट लेवल तक पहुंच गया। इस तरह पहले दिन के कारोबार में कंपनी के आईपीओ निवेशकों को प्रति शेयर 10.15 रुपये यानी 5 प्रतिशत का नुकसान हो गया।

इस कंपनी का 38.05 करोड़ रुपये का आईपीओ 28 से 30 अक्टूबर के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से फीका रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 1.12 गुना सब्सक्राइब हो सका था। इनमें नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन पूरी तरह से सब्सक्राइब भी नहीं हो सका। इस पोर्शन में सिर्फ 33 प्रतिशत सब्सक्रिप्शन आया था। इसके अलावा रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 1.91 गुना सब्सक्राइब हुआ था।

इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 18,74,400 शेयर जारी किए जा रहे हैं। इसमें 30.45 करोड़ रुपये मूल्य के 15 लाख नए शेयर जारी किए जा रहे हैं, जबकि प्रमोटरों द्वारा 7.60 करोड़ रुपये मूल्य के 3,74,400 शेयरों की बिक्री ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिए की जा रही है। आईपीओ में ओएफएस के जरिये जुटाई गई पूरी रकम बेचने वाले प्रमोटर्स के पास जाएगी।

इस आईपीओ में नए शेयरों की बिक्री से जुटाए गए फंड में से 8.10 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कंपनी प्लांट व मशीनरी और ट्रांसपोर्टेशन व्हीकल खरीदने के साथ ही परिसंपत्तियां खरीदने के लिए अपनी कैपिटल एक्सपेंडिचर से जुड़ी जरूरतों को पूरा करने के लिए करेगी। इसके अलावा 9.35 करोड़ रुपये का उपयोग कंपनी द्वारा लिए गए कुछ बकाया कर्जों के रीपेमेंट और प्रीपेमेंट के लिए किया जाएगा। इसी तरह चार करोड़ रुपये वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने के लिए और शेष बची हुई राशि सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों को पूरा करने व आईपीओ खर्चों की भरपाई करने के लिए उपयोग की जाएगी।

अजवा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कंपनी द्वारा जमा किए गए दस्तावेजों में दी गई जानकारी के अनुसार कंपनी की वित्तीय सेहत में पिछले वित्त वर्षों के दौरान शानदार सुधार हुआ है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 2.95 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ (प्रॉफिट आफ्टर टैक्स) हुआ था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़कर 3.28 करोड़ रुपये हो गया और अगले वित्त वर्ष 2025-26 में 65 प्रतिशत की शानदार बढ़त के साथ 5.42 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून तक कंपनी को 1.56 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका था।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी लगातार भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 34.38 करोड़ रुपये का कुल राजस्व (टोटल इनकम) प्राप्त हुआ था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़कर 36.87 करोड़ रुपये हो गया और अगले वित्त वर्ष 2025-26 में 32 प्रतिशत की मजबूत बढ़त के साथ 48.56 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून तक कंपनी को 12.44 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हो चुका था।

इस अवधि में कंपनी के विस्तार के साथ उस पर लदे कर्ज के बोझ में मिला-जुला रुख देखने को मिला है। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर कुल 10.85 करोड़ रुपये का कर्ज था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में घटकर 7.96 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। हालांकि, अगले वित्त वर्ष 2025-26 में यह दोबारा बढ़कर 12.52 करोड़ रुपये हो गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून तक कंपनी पर कुल 13.84 करोड़ रुपये का कर्ज दर्ज किया गया था।

कंपनी की कुल संपत्ति (टोटल एसेट्स) में भी इस दौरान मजबूती बनी रही। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी की कुल संपत्ति 25 करोड़ रुपये के स्तर पर थी, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़कर 25.57 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2025-26 में और बढ़त के साथ 36.37 करोड़ रुपये हो गई। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के अंत यानी 30 जून तक कंपनी की कुल संपत्ति 41.97 करोड़ रुपये दर्ज की गई।

रिजर्व और सरप्लस की बात करें तो कंपनी ने इस मोर्चे पर भी लगातार मजबूती हासिल की है। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 8.81 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष 2024-25 के अंत में 8.29 करोड़ रुपये रहने के बाद अगले वित्त वर्ष 2025-26 के अंत में बढ़कर 13.71 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून तक यह और बढ़कर 15.27 करोड़ रुपये हो चुका था।

इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी लगातार इजाफा दर्ज किया गया। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी का नेटवर्थ 8.90 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़कर 12.29 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़कर 17.71 करोड़ रुपये हो गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के अंत यानी 30 जून तक कंपनी का नेटवर्थ 19.27 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।

इसी तरह कंपनी का ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) वित्त वर्ष 2023-24 में 5.68 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़कर 6.41 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2025-26 में और बढ़कर 9.03 करोड़ रुपये हो गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के अंत यानी 30 जून तक कंपनी का ईबीआईटीडीए 2.45 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

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