


भोपाल, 04 नवंबर (हि.स.)। केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि कांग्रेस ईवीएम की चिंता छोड़कर आत्मचिंतन करें। कांग्रेस पार्टी और इंडी गठबंधन द्वारा सोची समझी साजिश के तहत संवैधानिक संस्थानों के प्रति लोगों के विश्वास को अस्थिर कर देश को अस्थिर करने का प्रयास किया जा रहा है। भारत के लोकतंत्र और चुनाव आयोग की दुनियाभर में बनी साख को कांग्रेस पार्टी और इंडी गठबंधन के लोग तार-तार कर रहे हैं।
केन्द्रीय मंत्री नड्डा बुधवार को मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ‘ संकल्प को लेकर अटल पथ पर आयोजित पदयात्रा में उमड़े एक लाख से अधिक जनसैलाब को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और विपक्षी दलों द्वारा सत्ता प्राप्ति के लिए देश में फैलाए जा रहे अराजकता को समाप्त करने और लोकतंत्र बचाने की जिम्मेदारी भाजपा के साथ देश की जनता की भी है। देश की जनता कांग्रेस और विपक्षी दलों के देश विरोधी किसी भी मंसूबे को कामयाब नहीं होने देगी।
भारत लोकतंत्र की जननी, देश के लोगों की रगों में दौड़ता है प्रजातंत्र
केंद्रीय मंत्री नड्डा ने कहा कि भारत को लोकतंत्र की जननी कहा जाता है। देश के लोगों की रगों में प्रजातंत्र दौड़ता है। कांग्रेस जान चुकी है कि उसे देश के लोगों का समर्थन बिल्कुल नहीं मिल रहा है, इसलिए इस तरह के कृत्य करके कांग्रेस देश को अस्थिर करने का प्रयास कर रही है। आजकल राहुल गांधी और कांग्रेस लोकतंत्र के रक्षक बनने का नाटक कर रहे हैं। देश जानता है कि आपातकाल के दौरान कांग्रेस ने 1 लाख 30 हजार लोगों को मीसा और टीआईआर के तहत बगैर किसी दलील के 22 माह के लिए जेल में डाला था।
उन्होंने कहा कि मैं स्वयं भी आपातकाल का भुक्तभोगी हूं। मुझे कांग्रेस सरकार में दो बार क्लासरूम से पकड़कर पुलिस ले गई थी। परिवार के परिवार उठाकर जेल में डाल दिए गए थे, ये आज किस मुंह से लोकतंत्र और ईवीएम की बात कर रहे हैं? ये चुनाव आयोग को बेईमान बता रहे हैं। चुनाव आयोग ने तो राजनीतिक दलों को चुनौती दी थी और आमंत्रित किया था कि ईवीएम को हैक करके बताएं? तब ये गायब हो गए थे। चुनाव में जीतना है तो लोगों के दिलों में बसना होगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश की जनता के दिलों में बसे हैं, इसलिए देश के प्रधान सेवक बनकर देश के जनता की सेवा कर रहे हैं।
नड्डा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी चुनावों में मिलने वाली हार का ठीकरा चुनाव आयोग पर फोड़ने की बजाय जनता के दिलों में जगह बनाना सीखें। प्रधानमंत्री मोदी देश की जनता के दिलों में बसते हैं, इसलिए आज देश का नेतृत्व कर रहे हैं। कांग्रेस पार्टी और विपक्षी दल कितने भी षड्यंत्र करें, लेकिन प्रधानमंत्री कहीं नहीं जाने वाले हैं। हम सब लोग प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत-2047 देखने वाले हैं।
केंद्रीय मंत्री नड्डा ने कहा कि लोकतंत्र के सबसे बड़े रक्षक बनने का दावा करने वाली कांग्रेस ने ही आपातकाल के दौरान लोकतांत्रिक अधिकारों का गला घोंटा था। पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की सरकार के दौरान राहुल गांधी द्वारा अध्यादेश की प्रति सार्वजनिक रूप से फाड़कर लोकतांत्रिक व संवैधानिक संस्थाओं का अपमान किया था। एसआईआर कोई नई प्रक्रिया नहीं है। यह पहले भी कई बार हो चुकी है। कांग्रेस के शासनकाल में भी यह प्रक्रिया अपनाई गई थी।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस 13 करोड़ मतदाताओं के नाम काटे जाने का आरोप लगा रही है, जबकि पुनरीक्षण में अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और दोहरी प्रविष्टियों वाले मतदाताओं की पहचान की गई है। उनके अनुसार, करीब तीन करोड़ मतदाता अनुपस्थित, 6.3 करोड़ स्थानांतरित और एक करोड़ दोहरी प्रविष्टियों वाले पाए गए। इसके अलावा मृत मतदाताओं के नाम भी सूची से हटाए गए हैं। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची को शुद्ध और पारदर्शी बनाना लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए जरूरी है। चुनाव आयोग का काम केवल चुनाव कराना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि मतदाता सूची में वास्तविक और पात्र नागरिकों के नाम ही दर्ज हों।
कांग्रेस घुसपैठियों को अपना वोट बैंक बनाने का कार्य कर रही है
नड्डा ने कहा कि वर्ष 2004 के लोकसभा चुनाव से वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव के बीच पश्चिम बंगाल के मतदाताओं की संख्या में 66 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। सबसे अधिक मतदाताओं की संख्या राज्य के सीमावर्ती जिलों में बढ़ी है। सीमावर्ती जिलों में अनुपात से जितने भी अधिक मतदाता बढ़े हैं, वह सभी अवैध घुसपैठिए हैं। कांग्रेस पार्टी और इंडी गठबंन के लोग अवैध घुसपैठियों को अपना वोटबैंक बनाने का कार्य कर रही हैं, इसलिए इन दलों को एसआईआर से समस्या हो रही है।
उन्होंने कहा कि जो कांग्रेस आज चुनाव आयोग को कठघरे में खड़ा कर रही है, उसके कार्यकाल में ही संस्थाओं की विश्वसनीयता प्रभावित करने वाले फैसले लिए गए। पदयात्रा का उद्देश्य केवल सड़कों पर उतरना नहीं, बल्कि जनता के बीच जाकर विपक्ष की राजनीति और चुनाव आयोग को बदनाम करने के प्रयासों के बारे में जागरूकता पैदा करना है।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर