
नई दिल्ली, 04 नवंबर (हि.स.)।
दिल्ली पुलिस ने वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण के खिलाफ रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव का डॉक्टर्ड वीडियो (छेड़छाड़ कर तैयार वीडियो) साझा करने के मामले में प्राथमिकी दर्ज की है।
पुलिस के अनुसार तीन नवंबर को साइबर पेट्रोलिंग के दौरान यह मामला सामने आया था। इस संबंध में स्पेशल सेल थाने में एफआईआर संख्या 263/26 दर्ज की गई है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 336(4), 353(1)(सी), 356 और 340(2) के साथ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66सी के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक आरोप है कि वीडियो के जरिए भ्रामक, मानहानिकारक और भड़काऊ सामग्री साझा की गई, जिससे सार्वजनिक उपद्रव और अफवाह फैलने की आशंका थी।
पुलिस के अनुसार बीएनएस की धारा 336(4) प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के इरादे से फर्जी दस्तावेज तैयार करने, धारा 353(1)(सी) झूठी सूचना या अफवाह के जरिए विभिन्न वर्गों के बीच अपराध के लिए उकसाने, धारा 356 मानहानि और धारा 340(2) फर्जी दस्तावेज या इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड को असली बताकर इस्तेमाल करने से संबंधित है। वहीं, आईटी अधिनियम की धारा 66सी किसी अन्य व्यक्ति के डिजिटल हस्ताक्षर, पासवर्ड या विशिष्ट डिजिटल पहचान का धोखाधड़ी से इस्तेमाल करने से जुड़ी है। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
------------
हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर