
नई दिल्ली, 05 नवंबर (हि.स.)। स्टील प्रोसेसिंग सेक्टर की कंपनी बॉम्बे कोटेड एंड स्पेशल स्टील्स लिमिटेड के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में मजबूत शुरुआत कर अपने आईपीओ निवेशकों को खुश कर दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 82 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई पर इसकी लिस्टिंग 12.22 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 92.02 रुपये के स्तर पर और एनएसई पर इसकी लिस्टिंग 10.98 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 91 रुपये के स्तर पर हुई।
मजबूत लिस्टिंग के बाद लिवाली के सपोर्ट से ये शेयर कुछ देर में ही उछल कर 96.62 रुपये के अपर सर्किट लेवल पर पहुंच गया और लगभग पूरे दिन उसी स्तर पर बना रहा। आज का कारोबार खत्म होने के कुछ देर पहले मुनाफा वसूली के चक्कर में हुई बिकवाली के कारण इस शेयर का अपर सर्किट ब्रेक हो गया। पूरे दिन के कारोबार के बाद ये शेयर 94.61 रुपये के स्तर पर बंद हुआ। इस तरह पहले दिन के कारोबार में कंपनी के आईपीओ निवेशकों को प्रति शेयर 12.61 रुपये यानी 15.38 प्रतिशत का फायदा हो गया।
इस कंपनी का 183.06 करोड़ रुपये का आईपीओ 29 अक्टूबर से दो नवंबर के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 63.89 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 37.32 गुना (एक्स एंकर) सब्सक्राइब हुआ था। इसी तरह नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 166.24 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसके अलावा रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 35.46 गुना सब्सक्राइब हुआ था।
इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 2.23 करोड़ नए शेयर जारी किए गए हैं। इसमें ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिए कोई बिकवाली नहीं की गई है। आईपीओ में शेयरों की बिक्री से जुटाई गई रकम में से 125 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कंपनी द्वारा लिए गए कुछ बकाया कर्जों के बोझ को पूरी तरह या आंशिक रूप से कम करने में किया जाएगा। इसके अलावा 15.77 करोड़ रुपये का उपयोग सीमेंस फाइनेंशियल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के साथ मौजूदा लीज व्यवस्था के तहत कैपिटल इक्विपमेंट के अधिग्रहण की लागत की फंडिंग के लिए किया जाएगा। इसके बाद बची शेष राशि सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए उपयोग की जाएगी।
बॉम्बे कोटेड एंड स्पेशल स्टील्स लिमिटेड की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कंपनी द्वारा सेबी के पास जमा किए गए रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (आरएचपी) में दी गई जानकारी के अनुसार कंपनी की वित्तीय सेहत में पिछले वित्त वर्षों के दौरान सुधार हुआ है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 21.14 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ (प्रॉफिट आफ्टर टैक्स) हुआ था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 28.67 करोड़ रुपये हो गया और अगले वित्त वर्ष 2025-26 में 7 प्रतिशत की बढ़त के साथ 30.54 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून तक कंपनी को 15.08 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका था।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी लगातार भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 765.41 करोड़ रुपये का कुल राजस्व (टोटल इनकम) प्राप्त हुआ था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 1,058.65 करोड़ रुपये हो गया और अगले वित्त वर्ष 2025-26 में 20 प्रतिशत की शानदार बढ़त के साथ 1,269.83 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून तक कंपनी को 397.55 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हो चुका था।
इस अवधि में कंपनी के विस्तार के साथ उस पर लदे कर्ज के बोझ में भी उतार-चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर कुल 234.16 करोड़ रुपये का कर्ज था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 276.96 करोड़ रुपये हो गया और अगले वित्त वर्ष 2025-26 में और बढ़ कर 338.45 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। हालांकि, मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून तक कंपनी का कर्ज घट कर 273.69 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।
कंपनी की कुल संपत्ति (टोटल एसेट्स) में भी इस दौरान मजबूती बनी रही। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी की कुल संपत्ति 350.21 करोड़ रुपये के स्तर पर थी, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 458.21 करोड़ रुपये हो गई और वित्त वर्ष 2025-26 में और बढ़त के साथ 571.47 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गई। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के अंत यानी 30 जून तक कंपनी की कुल संपत्ति 526.11 करोड़ रुपये दर्ज की गई।
रिजर्व और सरप्लस की बात करें तो कंपनी ने इस मोर्चे पर भी लगातार मजबूती हासिल की है। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 44.46 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष 2024-25 के अंत में बढ़ कर 73.15 करोड़ रुपये और अगले वित्त वर्ष 2025-26 के अंत में बढ़ कर 81.08 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून तक यह और बढ़ कर 96.12 करोड़ रुपये हो चुका था।
इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी लगातार बड़ा इजाफा दर्ज किया गया। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी का नेटवर्थ 54.36 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 83.05 करोड़ रुपये हो गया और वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़ कर 121.58 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के अंत यानी 30 जून 2026 तक कंपनी का नेटवर्थ 136.62 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।
इसी तरह कंपनी का ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) वित्त वर्ष 2023-24 में 49.17 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 74.09 करोड़ रुपये हो गया और वित्त वर्ष 2025-26 में और बढ़ कर 86.09 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के अंत यानी 30 जून तक कंपनी का ईबीआईटीडीए 32.17 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।
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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक