(अपडेट) पंजाब पीसीएस परीक्षा में भ्रष्टाचार की सीबीआई जांच हो, भगवंत मान इस्तीफा दें : भाजपा

05 Nov 2026 19:10:53
भाजपा राज्यसभा तरुण चुग


नई दिल्ली, 05 नवंबर (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पंजाब के पीसीएस मुख्य परीक्षा-2026 के नतीजों में सामने आई गंभीर अनियमितताओं को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान पर राज्य के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया है। भाजपा ने राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया को पत्र लिखकर पूरे मामले की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच करवाने, चयन प्रक्रिया तत्काल रोकने और जांच पूरी होने तक सभी संबंधित रिकॉर्ड एवं साक्ष्यों को सुरक्षित करने की मांग की है।

भाजपा के केंद्रीय मुख्यालय प्रभारी एवं सांसद तरुण चुग ने गुरुवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल की बिना पैसे और बिना सिफारिश नौकरी देने का दावा करने वाली सरकार आज पंजाब की सबसे बड़ी भर्ती परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर ही सवाल खड़े कर रही है। जिस मुख्यमंत्री ने युवाओं को रोजगार के सपने दिखाकर सत्ता हासिल की, उसी के कार्यकाल में बार-बार पेपर लीक, भर्ती में धांधली और चयन प्रक्रिया में अनियमितताओं के आरोप सामने आ रहे हैं। भगवंत मान को बताना चाहिए कि आखिर पंजाब के युवाओं के साथ यह अन्याय कब तक चलता रहेगा?

चुग ने कहा कि 4 नवंबर की देर रात घोषित पीसीएस मुख्य परीक्षा के परिणाम ने पूरे पंजाब को झकझोर दिया है। अभ्यर्थियों का आरोप है कि जिन उम्मीदवारों ने परीक्षा दी ही नहीं, उनके रोल नंबर तक सफल अभ्यर्थियों की सूची में दिखाई दे रहे हैं। एक ही परीक्षा केंद्र से 24.21 प्रतिशत अभ्यर्थियों का चयन, 86 उम्मीदवारों के लगातार तीन या चार रोल नंबरों के समूह में शॉर्टलिस्ट होने और कुछ परीक्षा कक्षों से 10 से 11 उम्मीदवारों के चयन जैसे गंभीर सवाल सामने आए हैं। 331 विज्ञापित पदों के मुकाबले केवल 751 उम्मीदवारों को साक्षात्कार के लिए बुलाए जाने पर भी सवाल उठ रहे हैं, जबकि निर्धारित मानदंड के अनुसार तीन गुना उम्मीदवारों को बुलाए जाने की मांग की जा रही है। क्या यह महज संयोग है या फिर रोल नंबर आवंटन से लेकर परीक्षा केंद्र और परिणाम तक किसी विशेष व्यवस्था के तहत अपने चहेतों को लाभ पहुंचाया गया? इन सभी सवालों का जवाब भगवंत मान सरकार को देना होगा।

चुग ने कहा कि भगवंत मान सरकार ने पंजाब में योग्यता और मेहनत को पीछे धकेलकर सिफारिश और कथित सेटिंग की आशंकाओं को जन्म दिया है। पंजाब का युवा दिन-रात मेहनत करता है, परिवार अपनी जमीन, जमा-पूंजी और भविष्य की उम्मीदें उसकी पढ़ाई पर लगाता है, लेकिन जब परिणाम आता है तो उसे पता चलता है कि परीक्षा में शामिल नहीं होने वाले उम्मीदवारों के चयन तक के आरोप लग रहे हैं। यह केवल प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि पंजाब के युवाओं के विश्वास पर सीधा हमला है।

भाजपा नेता

चुग ने स्पष्ट किया कि इस मामले की जांच पंजाब पुलिस या राज्य सरकार के नियंत्रण वाली एजेंसियों से करवाना पर्याप्त नहीं होगा, क्योंकि सवाल स्वयं सरकार के कार्यकाल और उसकी प्रशासनिक व्यवस्था पर उठ रहे हैं। उन्होंने मांग की कि पीसीएस परीक्षा की सभी उत्तरपुस्तिका, उपस्थिति रजिस्टर, सीसीटीवी फुटेज, डिजिटल लॉग, रोल नंबर आवंटन, परीक्षा केंद्रों की जानकारी और मूल्यांकन रिकॉर्ड तत्काल सुरक्षित किए जाएं। जांच पूरी होने तक साक्षात्कार प्रक्रिया रोकी जाए तथा पीएसएसएशबी, फार्मेसी ऑफिसर, नायब तहसीलदार और अन्य विवादित भर्ती परीक्षाओं की भी स्वतंत्र जांच करवाई जाए।

चुग ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से तत्काल इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि पंजाब के युवाओं के साथ इतना बड़ा विश्वासघात होने के बाद मुख्यमंत्री अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकते। भगवंत मान को कुर्सी से ज्यादा पंजाब के युवाओं के भविष्य की चिंता करनी चाहिए। आम आदमी पार्टी की सरकार ने रोजगार देने का वादा किया था, लेकिन आज युवाओं को अपने ही राज्य की भर्ती व्यवस्था पर भरोसा नहीं रह गया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी

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