- राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड की 13वीं शासी निकाय की बैठक में केंद्रीय मंत्री ने परियोजनाओं के समय पर क्रियान्वयन और धन के प्रभावी उपयोग पर दिया जोर
हैदराबाद, 06 नवंबर (हि.स.)। केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी तथा पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड (एनएफडीबी) से मछली किसानों तक अपनी पहुंच बढ़ाने और राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने का आह्वान किया है। उन्होंने बोर्ड को एक सक्रिय विकास संस्थान के रूप में अपनी भूमिका मजबूत करने की सलाह दी। साथ ही मछुआरों की आय और आजीविका सुरक्षा बढ़ाने के लिए परियोजनाओं का समय पर क्रियान्वयन एवं पूरा होना सुनिश्चित करने और आवंटित धन का प्रभावी उपयोग करने पर जोर दिया।
केंद्रीय मंत्री हैदराबाद में गुरुवार को आयोजित एनएफडीबी की 13वीं शासी निकाय की बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने मत्स्य उत्पादन, आपूर्ति और खपत के बीच अंतर को पाटने तथा आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए पूर्वोत्तर और अंतर्देशीय राज्यों को विशेष सहायता देने का निर्देश दिया। उन्होंने बताया कि देश में मछली उत्पादन 2019-20 के 141.64 लाख टन से बढ़कर 197.75 लाख टन हो गया है।
मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय के मत्स्य पालन विभाग के सचिव डॉ. अभिलक्ष लिखी ने जलीय कृषि के विस्तार और समुद्री खाद्य निर्यात को मजबूत करने के लिए विभाग तथा राज्य सरकारों की ओर से किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि समुद्री खाद्य निर्यात का मौजूदा मूल्य करीब 70 हजार करोड़ रुपये है। उन्होंने एनएफडीबी की डिजिटल उपस्थिति मजबूत करने के साथ कारोबार सुगमता बढ़ाने के लिए हितधारकों से मिलने वाले सुझावों और फीडबैक की प्रक्रिया सरल बनाने पर भी जोर दिया।
बैठक में विभिन्न राज्यों के मत्स्य पालन मंत्रियों ने मत्स्य क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने मछली बाजारों और एकीकृत एक्वा पार्क की स्थापना के लिए केंद्र से निरंतर सहायता की मांग की। साथ ही मत्स्य पालन के विकास के लिए अमृत सरोवरों, जलाशयों और अन्य जल निकायों के बेहतर उपयोग के लिए मत्स्य पालन एवं ग्रामीण विकास कार्यक्रमों के बीच समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया।
एनएफडीबी के मुख्य कार्यकारी डॉ. बिजय कुमार बेहरा ने मत्स्य पालन और जलीय कृषि क्षेत्र में बोर्ड की प्रमुख गतिविधियों, उपलब्धियों और जारी पहलों का विवरण प्रस्तुत किया।
बैठक में तेलंगाना सरकार के पशुपालन, डेयरी विकास एवं मत्स्य पालन मंत्री वाकिटी श्रीहरि, अरुणाचल प्रदेश के मत्स्य पालन मंत्री गेब्रियल डेनवांग वांगसू और त्रिपुरा के मत्स्य पालन मंत्री सुधांशु दास सहित विभिन्न राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के मत्स्य विभागों के प्रतिनिधि तथा एनएफडीबी शासी निकाय के 13 गैर-आधिकारिक सदस्य उपस्थित थे।-----------
हिन्दुस्थान समाचार / Dev Kumar Pukhraj