
लखनऊ, 06 नवंबर (हि.स.)। अयोध्या दीपोत्सव-2026 के मुख्य अतिथि भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन होंगे। उप राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री योगी की उपस्थिति में अयोध्या की छटा इस बार देश की सीमाओं से परे वैश्विक मंच पर भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और आध्यात्मिक वैभव का संदेश देगी।
दीपोत्सव के दसवें संस्करण में रामनगरी को 30 लाख से अधिक दीपों से रोशन कर अविस्मरणीय बनाने की तैयारी है। प्रभु श्रीराम के अयोध्या आगमन की स्मृति में राम की पैड़ी समेत 56 घाटों पर एक साथ दीप प्रज्ज्वलित होंगे। वहीं, सरयू तट पर 2,151 वेदाचार्यों और अर्चकों के मंत्रोच्चार के बीच होने वाली महाआरती उत्सव की दिव्यता को विस्तार देगी।
उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने जारी बयान में कहा कि 'मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा से वर्ष 2017 में जब दीपोत्सव की शुरुआत हुई थी, तब अयोध्या में करीब 1.71 लाख दीप प्रज्ज्वलित किए गए थे। पहले आयोजन से लेकर दसवें संस्करण तक दीपों की संख्या में लगातार कई गुना वृद्धि हुई। इस वर्ष रामनगरी के 56 घाटों पर 30 लाख से अधिक दीप जलाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि दीपों की बढ़ती संख्या केवल आयोजन के विस्तार का प्रमाण नहीं, यह जन-जन की अटूट आस्था और प्रभु श्रीराम के प्रति श्रद्धा व सम्मान का प्रतीक भी है।'
मंत्री जयवीर सिंह ने विश्वास जताया कि 'दीपोत्सव-2026 भव्यता और जनभागीदारी के लिहाज से प्रकाश पर्व का नया शिखर स्थापित करेगा। आयोजन को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए सभी 56 घाटों पर व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। इसके तहत 35 हजार स्वयंसेवकों के साथ 900 घाट समन्वयक, 112 घाट प्रभारी और 27 पर्यवेक्षक तैनात किए गए हैं। इसके अलावा सांस्कृतिक कार्यक्रम, थीम आधारित सजावट, अंतरराष्ट्रीय रामलीला, दीपोत्सव मेला और प्रदर्शनी जैसे आयोजन उत्सव की छटा बढ़ाएंगे। इनके जरिए देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को अयोध्या की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक परंपरा से रूबरू होने का अवसर मिलेगा।'
ड्रोन से आसमान में साकार होंगे रामायण के प्रसंग
दीपावली की पूर्व संध्या पर दीपोत्सव में पर्यटन विभाग की ओर से अयोध्या के आसमान में भव्य एरियल ड्रोन शो का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान आकाश में एक साथ 2,100 रंग-बिरंगे ड्रोन रोशनी की छटा बिखेरते हुए रामायण के प्रमुख प्रसंगों को साकार करेंगे। पिछले वर्ष के मुकाबले करीब दोगुनी संख्या में ड्रोन के जरिए आस्था, अध्यात्म और आधुनिक तकनीक का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। ड्रोन से बनने वाली विभिन्न आकृतियों में वीर मुद्रा में प्रभु श्रीराम, लक्ष्मण और हनुमान, रावण वध, पुष्पक विमान और राम दरबार जैसे दृश्य आकर्षण का केंद्र होंगे। इसके अलावा महर्षि वाल्मीकि, गोस्वामी तुलसीदास और हनुमान के विभिन्न स्वरूप भी आकाश में जीवंत होंगे।
विभिन्न राज्यों के 1,000 कलाकारों की प्रस्तुति
देश के विभिन्न राज्यों से आए करीब 1,000 कलाकारों का दल अयोध्या के अलग-अलग स्थलों पर लोक नृत्य, संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। वहीं, भव्य शोभायात्रा में रामायण के सातों कांडों पर आधारित आकर्षक झांकियां सजेंगी, जो प्रभु श्रीराम के जीवन चरित्र और रामकथा के विविध प्रसंगों को जीवंत रूप में प्रस्तुत करेंगी।
जेन-जी को लुभाएगा नवाचार
दीपोत्सव-2026 में परंपरा और आधुनिकता का संगम खासतौर पर युवाओं यानी जेन-जी को आकर्षित करेगा। सरयू के घाटों पर पारंपरिक दीपों की आभा के साथ आधुनिक तकनीक और मनोरंजन का अनूठा मेल देखने को मिलेगा। उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग की ओर से राम की पैड़ी पर मल्टीमीडिया प्रोजेक्शन और लेजर शो का आयोजन किया जाएगा। इसके साथ ही 100 से अधिक कलाकारों की लाइव प्रस्तुतियां उत्सव में चार चांद लगाएंगी।
अंतरराष्ट्रीय रामलीला मंचन अयोध्या के रामकथा पार्क में देश के विभिन्न हिस्सों के साथ विदेशी कलाकार भी रामलीला के मंचन से रामकथा को जीवंत करेंगे। असम, केरल और बंगाल के कलाकार दल अपनी सांस्कृतिक शैली में प्रस्तुतियां देंगे। वहीं, श्रीलंका, दक्षिण अफ्रीका, थाईलैंड और इंडोनेशिया के बाली से आए कलाकार प्रभु श्रीराम के जीवन प्रसंगों का मंचन करेंगे। विभिन्न देशों की कला और परंपराओं के संगम से रामलीला का मंच अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक एकता का संदेश देगा।
दीपोत्सव मेला एवं प्रदर्शनी
अयोध्या के क्वीन हो मेमोरियल पार्क में पांच दिवसीय (05-09 नवंबर) दीपोत्सव मेला एवं प्रदर्शनी का आयोजन हो रहा है। इसमें आगंतुकों को उत्सव के रंगों के साथ विविध उत्पादों, कला और संस्कृति की झलक देखने को मिल रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन