
सहरसा, 06 नवंबर (हि.स.)। धनतेरस पर शुक्रवार को सहरसा के बाजारों में जमकर खरीदारी हुई। सुबह से शुरू हुई ग्राहकों की भीड़ शाम तक इतनी बढ़ गई कि प्रमुख बाजारों में पैर रखने तक की जगह नहीं रही।सोना-चांदी, बर्तन, ऑटोमोबाइल, मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक सामान और झाड़ू की खूब बिक्री हुई। व्यापारियों के अनुसार, जिले में करीब 100 करोड़ रुपये के कारोबार का अनुमान है।
डीबी रोड, शंकर चौक, महावीर चौक, गांधी पथ, दालान चौक, कपड़ा पट्टी और पूरब बाजार सहित सिमरी बख्तियारपुर, सोनवर्षा राज, सलखुआ और नवहट्टा के बाजारों में भी खरीदारों की भीड़ उमड़ी।
सोना-चांदी की कीमतों ने प्रभावित की खरीदारी
सोना-चांदी की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव के कारण सर्राफा बाजार की चमक कुछ फीकी रही। हालांकि, लोगों ने परंपरा के अनुसार सोने की चेन, अंगूठी, चांदी के सिक्के और अन्य आभूषणों की खरीदारी की। कारोबारियों रितिक स्वर्णकार और सिद्धांत कश्यप ने बताया कि कीमतों में उतार-चढ़ाव का बिक्री पर असर पड़ा है।
बर्तन और ऑटोमोबाइल बाजार में भी रौनक
धनतेरस पर बर्तन दुकानों में स्टील, पीतल और तांबे के बर्तनों की अच्छी बिक्री हुई। वहीं बाइक, अन्य वाहनों, मोबाइल, टीवी, फ्रिज और वाशिंग मशीन के शोरूम में भी ग्राहकों की भीड़ रही। परंपरा के अनुसार लोगों ने झाड़ू की भी खरीदारी की।
धनतेरस की है मान्यता
धनतेरस को धनत्रयोदशी भी कहा जाता है। समुद्र मंथन के दौरान भगवान धन्वंतरि के अमृत कलश के साथ प्रकट होने की मान्यता के कारण इस दिन सोना-चांदी और नए बर्तन खरीदना शुभ माना जाता है। इस दिन भगवान धन्वंतरि, मां लक्ष्मी और कुबेर की पूजा के साथ यमदीपदान की भी परंपरा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजय कुमार सोनी