
डकार, 06 नवंबर (हि.स.)। भारत की तन्वी पत्री को युवा ओलंपिक खेल 2026 की बैडमिंटन महिला एकल स्पर्धा के फाइनल में गुरुवार को रजत पदक से संतोष करना पड़ा। खिताबी मुकाबले में उन्हें चीन की मौजूदा विश्व जूनियर चैंपियन झांग यी शिन के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा।
तन्वी ने पहले गेम में शुरुआती लय हासिल करने में थोड़ा समय लिया, लेकिन इसके बाद लगातार सात अंक जीतकर 3-5 से 10-5 की बढ़त बना ली। उनके पंच टॉस और नेट पर शानदार नियंत्रण ने झांग को दबाव में रखा। भारतीय खिलाड़ी ने 25 मिनट में पहला गेम अपने नाम कर लिया।
दूसरे गेम में तन्वी ने 4-0 की बढ़त के साथ अच्छी शुरुआत की। हालांकि, कोर्ट के पीछे से आने वाले हवा के रुख के कारण उनके क्लियर शॉट्स पर नियंत्रण प्रभावित हुआ। मध्यांतर के बाद झांग ने मुकाबले पर पकड़ मजबूत की और दूसरा गेम जीतकर मुकाबले को निर्णायक गेम में पहुंचा दिया।
निर्णायक गेम में झांग ने अपने क्रॉस-कोर्ट ड्रॉप शॉट्स के दम पर शुरुआत से ही बढ़त बना ली और स्कोर 19-10 तक पहुंचा दिया। तन्वी ने हार नहीं मानी और लगातार अंक जुटाते हुए अंतर 19-15 कर दिया। हालांकि, भारतीय खिलाड़ी के एक क्रॉस-कोर्ट स्मैश के बाहर जाने से झांग को पांच मैच प्वाइंट मिल गए।
तन्वी ने शानदार संघर्ष करते हुए पांचों मैच प्वाइंट बचा लिए और स्वर्ण पदक जीतने के लिए तीन मौके भी बनाए। लेकिन झांग के अधिक अनुभव ने अंततः निर्णायक भूमिका निभाई और उन्होंने खिताब अपने नाम कर लिया।
इस रजत पदक के साथ तन्वी युवा ओलंपिक में बैडमिंटन पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बन गईं। उन्होंने सेमीफाइनल में जापान की युजुनो वातानाबे को 21-14, 11-21, 21-19 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। वातानाबे ने कांस्य पदक जीता।
तन्वी का रजत पदक युवा ओलंपिक में भारत के बैडमिंटन पदकों की सूची में शामिल हो गया है। इससे पहले एचएस प्रणय ने 2010 और लक्ष्य सेन ने 2018 में पुरुष एकल स्पर्धा में पदक जीते थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे