बीएसएफ जवानों के संग सीएम शुभेंदु ने मनाई दिवाली, कहा- मौके की ताक में बैठे हैं घुसपैठिए, एक को भी नहीं बख्शेंगे

युगवार्ता    08-Nov-2026
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शुभेंदु


कोलकाता , 07 नवंबर (हि.स.)। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने रविवार को भारत-बांग्लादेश सीमा से सटे हिंगलगंज (उत्तर 24 परगना) में तैनात सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की 74वीं बटालियन के शिविर का दौरा कर जवानों के साथ दीपावली मनाई। यह पहली बार है जब पश्चिम बंगाल के किसी मुख्यमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तैनात बीएसएफ जवानों के साथ दीपावली का त्योहार मनाया है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तर्ज पर जवानों के साथ त्योहार मनाने पहुंचे मुख्यमंत्री ने स्पष्ट संदेश दिया कि राज्य में एक भी घुसपैठिये को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही, उन्होंने बीएसएफ और राज्य पुलिस के उत्कृष्ट जवानों को सम्मानित करने के लिए अगले साल से सीमा मित्र सम्मान शुरू करने की बड़ी घोषणा की।

हेलीकॉप्टर से पहुंचे, इछामती में की स्पीडबोट की सवारी

रविवार दोपहर हिंगलगंज कॉलेज के मैदान में बने अस्थायी हेलीपैड पर उतरने के बाद, मुख्यमंत्री सीधे बीएसएफ कैंप पहुंचे। यहां उन्होंने घर-परिवार से दूर सीमा पर मुस्तैद जवानों के साथ खुशियां बांटी और उनका हौसला बढ़ाया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने बीएसएफ की स्पीडबोट में सवार होकर इछामती नदी में सीमाई इलाकों का सघन दौरा भी किया।

दूरबीन से देखा, ताक में बैठे हैं लोग

स्पीडबोट पर गश्त के अपने अनुभव को साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने घुसपैठ को लेकर कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा, मैंने स्पीडबोट पर सवार होकर दूरबीन से देखा, बांग्लादेश की तरफ कई लोग ताक में बैठे हैं। जैसे ही उन्हें कोई खाली जगह या मौका मिलेगा, वे तेजी से भारत में घुस आएंगे।

उन्होंने कड़े शब्दों में कहा, हम अपने राज्य में एक भी घुसपैठिये को नहीं रहने देंगे। सबको पकड़-पकड़ कर वापस उसी देश भेज देंगे। हम हर घुसपैठिये को खोज निकालेंगे। सीमा से 15 किलोमीटर अंदर तक सघन तलाशी अभियान लगातार जारी है। मुख्यमंत्री ने बताया कि इछामती नदी के किनारे फेंसिंग (बाड़बंदी) को लेकर भी बीएसएफ अधिकारियों के साथ उनकी अहम चर्चा हुई है।

पुलिस-बीएसएफ समन्वय की तारीफ, पीएम मोदी को दिया श्रेय

बीएसएफ कैंप के बाद, मुख्यमंत्री हिंगलगंज पुलिस स्टेशन पहुंचे, जहां उन्होंने काली पूजा का उद्घाटन किया और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा, त्योहारों के दौरान भी बीएसएफ और पुलिस के जवान अपना घर छोड़कर ड्यूटी करते हैं, ताकि आम नागरिक सुरक्षित रह सकें। एक मुख्यमंत्री के रूप में उनके पास आना मेरा कर्तव्य है।

शुभेंदु अधिकारी ने जवानों के साथ दीपावली मनाने के इस कदम का श्रेय प्रधानमंत्री को देते हुए कहा, यह रास्ता नरेंद्र मोदी जी ने गुजरात (मुख्यमंत्री रहते हुए) में दिखाया था। मैं केवल उनके दिखाए मार्ग का अनुसरण कर रहा हूं। पिछली सरकार पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि पहले सीमा सुरक्षा बल और राज्य पुलिस के बीच समन्वय की भारी कमी थी, लेकिन अब डीजीपी के नेतृत्व में दोनों बलों के बीच बेहतरीन तालमेल ('को-ऑर्डिनेशन') है।

अगले साल से 'सीमा मित्र सम्मान'

देश की सीमाओं की रक्षा में पुलिस और केंद्रीय बलों के 'असाधारण कार्य' को मान्यता देने के लिए मुख्यमंत्री ने एक नई पहल की घोषणा की। उन्होंने कहा कि अगले साल से बीएसएफ , सशस्त्र सीमा बल और पश्चिम बंगाल पुलिस के उत्कृष्ट कर्मियों को राज्य सरकार की ओर से नया 'सीमा मित्र सम्मान' प्रदान किया जाएगा। इसके लिए एक चयन समिति का गठन किया जाएगा, जो योग्य कर्मियों का चुनाव करेगी।

लालकृष्ण आडवाणी को दी श्रद्धांजलि

हिंगलगंज थाने से निकलते समय मुख्यमंत्री ने दिग्गज भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी के 100वें जन्मदिन पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि भी अर्पित की। अपनी पुरानी यादें ताजा करते हुए शुभेंदु ने कहा, मैं उनका हमेशा आभारी रहूंगा। वह मुझे बहुत स्नेह करते थे। जब मैं किसी अन्य पार्टी (टीएमसी) का सांसद था, तब भी संसद में मिलने पर वह मुझसे हमेशा पूछते थे, 'नंदीग्राम कैसा है?' और मैं जवाब देता था, 'अच्छा है'।

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हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर

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