दिल्ली-एनसीआर में स्वच्छ हवा के लिए पटाखा मुक्त दिवाली मनाने की अपील

08 Nov 2026 17:54:53

नई दिल्ली, 08 नवंबर (हि.स.)। दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण की स्थिति को देखते हुए डब्ल्यूडब्ल्यूएफ-इंडिया के पर्यावरण सूचना, जागरूकता, क्षमता निर्माण एवं आजीविका कार्यक्रम (ईआईएसीपी) ने लोगों से इस वर्ष पटाखा मुक्त और पर्यावरण अनुकूल दिवाली मनाने की अपील की है। संगठन ने नागरिकों से स्वच्छ हवा, बेहतर स्वास्थ्य और प्रदूषण मुक्त वातावरण के लिए ‘ग्रीन दिवाली संकल्प’ लेने का आग्रह किया है।

केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के सहयोग से संचालित यह अपील देशव्यापी ‘ग्रीन दिवाली अभियान 2026’ का हिस्सा है। यह अभियान 20 अक्टूबर से 8 नवंबर तक मिशन लाइफ (पर्यावरण के लिए जीवनशैली) के तहत चलाया जा रहा है। इसमें राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के अंतर्गत 24 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 130 शहरों पर विशेष ध्यान दिया गया है।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, दिल्ली की वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी में है। वायु गुणवत्ता पूर्व चेतावनी प्रणाली के पूर्वानुमान के मुताबिक, त्योहार के दिनों में इसके ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंचने की आशंका है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और आसपास के इलाकों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग की ओर से वायु गुणवत्ता में और गिरावट रोकने के लिए श्रेणीबद्ध प्रतिक्रिया कार्ययोजना के तहत कदम उठाए जा रहे हैं। संगठन ने नागरिकों से लागू उपायों का पालन करने और इन प्रयासों में सहयोग देने की अपील की है।

डब्ल्यूडब्ल्यूएफ-इंडिया ने पर्यावरण अनुकूल दिवाली मनाने के लिए मिट्टी के दीये और पर्यावरण अनुकूल मोमबत्तियों का इस्तेमाल करने, स्थानीय स्तर पर बने उपहार चुनने और उनकी पैकेजिंग कम रखने का सुझाव दिया है। लोगों से पटाखों से दूरी बनाने, फूलों की पंखुड़ियों, चावल के आटे और हल्दी जैसी प्राकृतिक सामग्री से रंगोली बनाने तथा पुरानी सामग्री का दोबारा इस्तेमाल कर सजावट करने को कहा गया है।

संगठन ने एकल उपयोग वाले प्लास्टिक से बचने, सजावट की सामग्री का पुन: उपयोग करने और कचरे को अलग-अलग करके पुनर्चक्रण के लिए देने की भी अपील की है। इसके अलावा सामुदायिक पौधरोपण, मोहल्लों की सफाई और पर्यावरण जागरूकता के लिए पदयात्राएं आयोजित करने का सुझाव दिया गया है। जरूरतमंदों को पुराने कपड़े और उपयोग में आने वाली घरेलू वस्तुएं दान करने तथा त्योहार के दौरान संभव होने पर पैदल चलने, साइकिल या सार्वजनिक और साझा परिवहन का इस्तेमाल करने को भी प्रोत्साहित किया गया है।

लोगों से केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के ‘समीर’ ऐप पर रोजाना वायु गुणवत्ता सूचकांक की जानकारी लेने और प्रदूषण अधिक होने पर बाहर निकलने से बचने का आग्रह किया गया है। संगठन ने नागरिकों को अपना पर्यावरणीय प्रभाव समझने और टिकाऊ जीवनशैली अपनाने के लिए डब्ल्यूडब्ल्यूएफ-इंडिया के कार्बन फुटप्रिंट सर्वेक्षण में भाग लेने के लिए भी कहा है।

अभियान में शामिल संस्थानों और समूहों से अपनी गतिविधियों का विवरण ऑनलाइन साझा करने का आग्रह किया गया है। इसके लिए संस्था या संगठन का नाम और स्थान, गतिविधि का विवरण और तारीख, संकल्प लेने वाले प्रतिभागियों की संख्या, स्थान-चिह्नित तस्वीरें और संक्षिप्त रिपोर्ट जमा करनी होगी। चयनित प्रविष्टियों को ईआईएसीपी की वेबसाइट और सोशल मीडिया मंचों पर प्रदर्शित किया जा सकता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर

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