नेपाल में मार्च 2027 तक स्थानीय निकाय चुनाव कराने की तैयारी में निर्वाचन आयोग

08 Nov 2026 09:47:53
निर्वाचन आयोग


काठमांडू, 08 नवंबर (हि.स.)। नेपाल का निर्वाचन आयोग अगले वर्ष मार्च महीने के भीतर स्थानीय निकाय चुनाव कराने की तैयारी में जुट गया है। कानूनी प्रावधान के अनुसार, मौजूदा जनप्रतिनिधियों का कार्यकाल समाप्त होने से दो महीने पहले ही चुनाव संपन्न कराना अनिवार्य है। इसी को ध्यान में रखते हुए आयोग ने चुनाव की प्रारंभिक तैयारियां शुरू कर दी हैं। इससे पहले 30 अप्रैल 2022 को नेपाल में स्थानीय निकाय चुनाव हुए थे।

स्थानीय निकाय निर्वाचन अधिनियम, 2016 के अध्याय-2 की धारा 4 के अनुसार, निर्वाचन आयोग के परामर्श से सरकार चुनाव की तारीख तय करेगी। धारा 4 की उपधारा 1 में कहा गया है, ''नेपाल सरकार स्थानीय निकाय का चुनाव कराने के लिए तारीख निर्धारित करेगी। हालांकि, चुनाव की तारीख तय करने से पहले नेपाल सरकार को निर्वाचन आयोग से परामर्श लेना होगा।''

कानून में आवश्यकता के अनुसार किसी एक प्रदेश का चुनाव एक ही चरण में कराने और अन्य प्रदेशों में चरणबद्ध तरीके से चुनाव संपन्न कराने का प्रावधान है। हालांकि, कानून के मुताबिक चुनाव के पहले चरण की तारीख को ही चुनाव संपन्न होने की आधिकारिक तारीख माना जाएगा।

मुख्य निर्वाचन आयुक्त मानबहादुर कार्की ने बताया कि चुनाव के लिए आवश्यक संसाधनों और अन्य व्यवस्थाओं का अध्ययन किया जा रहा है। उन्होंने कहा, ''हम स्थानीय निकाय चुनाव के लिए आंतरिक परिस्थितियों का अध्ययन कर रहे हैं। संसाधनों और अन्य जरूरी विषयों पर विचार किया जा रहा है। आयोग चुनाव की तैयारियों में जुटा हुआ है।''

चुनावी तैयारियों के तहत आयोग सरकार और राजनीतिक दलों के साथ भी विचार-विमर्श कर रहा है। आयोग जरूरत के अनुसार इन चर्चाओं को आगे बढ़ाने की तैयारी में है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त कार्की ने कहा, ''इस बीच एक दौर की बातचीत हुई थी। आवश्यकता के अनुसार संबंधित पक्षों के साथ आगे भी चर्चा करेंगे।''

नेपाल के कुल 753 स्थानीय निकायों में चुनाव कराया जाएगा। इनमें 6 महानगरपालिका, 11 उप महानगरपालिका, 276 नगरपालिका और 460 गांवपालिका शामिल हैं। निर्वाचन आयोग के एक आयुक्त ने कहा, ''आगामी 30 अप्रैल को वर्तमान स्थानीय जनप्रतिनिधियों का कार्यकाल समाप्त हो जाएगा। इससे दो महीने पहले ही चुनाव कराना होगा। इसी अवधि के भीतर चुनाव संपन्न कराकर नए जनप्रतिनिधियों को जिम्मेदारी सौंपने की तैयारी की जा रही है।''

आयोग ने अक्टूबर के अंत तक मतदाता सूची का अद्यतन कार्य पूरा कर लिया है। इस दौरान विशेष रूप से मृतक और नेपाली नागरिकता त्याग चुके लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं।

आयोग के एक अधिकारी ने बताया, ''अक्टूबर में मतदाता सूची अद्यतन करने के बाद छह महीने में अगली बार इसे अपडेट करना होगा। मौजूदा स्थिति के अनुसार अक्टूबर में अद्यतन की गई मतदाता सूची ही मार्च तक होने वाले चुनाव के लिए अंतिम सूची होगी।''

नेपाल में प्रदेशसभा चुनाव 20 नवंबर 2022 को हुए थे। उस समय प्रतिनिधिसभा और प्रदेशसभा के चुनाव एक साथ संपन्न कराए गए थे। हालांकि, 8 और 9 सितंबर 2025 को हुए जेन-जी आंदोलन के बाद प्रतिनिधिसभा का चुनाव पिछले 5 मार्च को कराया जा चुका है। अब करीब 14 महीने बाद प्रदेशसभाओं का कार्यकाल भी समाप्त होने वाला है। आयोग के एक आयुक्त ने कहा कि फिलहाल आयोग का ध्यान इस विषय पर नहीं है।

निर्वाचन आयुक्त डॉ. राजीव सुब्बा ने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक मतदान प्रणाली लागू करने और विदेश में रहने वाले नेपाली नागरिकों को मतदान में शामिल कराने के विषय पर भी अध्ययन किया गया है। उनकी संयोजकता में गठित कार्यदल अपनी रिपोर्ट आयोग को सौंप चुका है।

आयुक्त सुब्बा ने कहा, ''संबंधित पक्षों से सुझाव मांगे गए थे। कूटनीतिक मिशनों से भी सुझाव प्राप्त हुए हैं। सभी पहलुओं का अध्ययन करने के बाद हमने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है।''

उन्होंने बताया कि आयोग चुनाव में तकनीक के इस्तेमाल के पक्ष में है। सुब्बा के मुताबिक, ''हमें विश्वास है कि तकनीक के इस्तेमाल से बदर मतों को कम किया जा सकता है या उन्हें शून्य तक लाया जा सकता है। चुनाव में लोगों की भागीदारी बढ़ाने, चुनावी खर्च घटाने और विदेश में रहने वाले नेपाली नागरिकों को भी मतदान का अधिकार दिलाने के तरीकों पर अध्ययन किया जा रहा है।''

उन्होंने आगे कहा, ''यदि तकनीक के साथ चुनाव कराया जाए तो प्रक्रिया आसान हो सकती है। हालांकि, इसे किस तरह लागू किया जाएगा, इस पर अभी स्पष्ट निर्णय नहीं हुआ है।''

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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज दास

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