ग्लोबल मार्केट में पूरे सप्ताह होता रहा उतार-चढ़ाव, अमेरिकी चुनाव के नतीजों से भी पड़ा असर

08 Nov 2026 18:59:53
प्रतीकात्मक


-वीकली ग्लोबल मार्केट राउंड अप

नई दिल्ली, 08 नवंबर (हि.स.)। अमेरिकी मिडटर्म इलेक्शन के नतीजों और टेक शेयरों में मचे हाहाकार के कारण इस सप्ताह दुनिया भर के प्रमुख बाजारों काफी उतार-चढ़ाव होता रहा। अमेरिकी बाजार (वॉल स्ट्रीट) में कांग्रेस के दोनों सदनों पर विपक्षी पार्टी डेमोक्रेट्स का नियंत्रण आने के बाद राजनीतिक अनिश्चितता तो कम हुई लेकिन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को लेकर कड़े नियम लागू होने की आशंका ने निवेशकों को डरा दिया। इसकी वजह से चिप और सेमीकंडक्टर बनाने वाली दिग्गज टेक कंपनियों में पिछले 19 महीनों की सबसे भीषण बिकवाली देखी गई। इस बिकवाली के कारण डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज साप्ताहिक आधार पर 3.44 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 51,277.11 अंक के स्तर पर, एसएंडपी 500 इंडेक्स 4.36 प्रतिशत की साप्ताहिक गिरावट के साथ 7,376.92 अंक के स्तर पर और टेक-हैवी नैस्डेक कंपोजिट 5.52 प्रतिशत की जबरदस्त मंदी के साथ 24,579.43 अंक के निचले स्तर पर बंद हुए।

अमेरिकी बाजार की इस भारी मंदी के बीच यूरोपीय बाजारों में भी पूरे सप्ताह सुस्ती का माहौल बना रहा। जर्मनी का डीएएक्स इंडेक्स 1.92 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 25,820.36 अंक के स्तर पर बंद हुआ। इसी तरह ब्रिटेन का एफटीएसई इंडेक्स भी 108.72 अंक की सुस्ती दिखाते हुए 10,673.94 अंक के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, फ्रांस का सीएसी इंडेक्स विपरीत परिस्थितियों से उबरकर 0.81 प्रतिशत की मामूली साप्ताहिक बढ़त के साथ 8,139 अंक के स्तर पर बंद होने में सफल रहा। विदेशी बाजारों की इस उथल-पुथल ने निवेशकों को जोखिम वाले एसेट्स से दूर रहने पर मजबूर किया, जिसका असर एशियाई बाजारों पर भी देखने को मिला।

वैश्विक बाजारों के इस मिले-जुले संकेतों के बीच एशियाई शेयर बाजारों में भी इस सप्ताह भारी उतार-चढ़ाव और बिकवाली का दबाव हावी नजर आया। जापान का निक्केई 225 इंडेक्स टेक शेयरों में आई मंदी के चलते 3,643.13 अंक यानी 5.96 प्रतिशत की भीषण साप्ताहिक गिरावट के साथ 57,434.77 अंक के निचले स्तर पर सिमट गया, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स भी चौतरफा बिकवाली के दबाव में 5.68 प्रतिशत का बड़ा गोता लगाकर 5,059.69 अंक पर बंद हुआ। इसी तरह ताइवान वेटेड इंडेक्स मुनाफावसूली के भारी दबाव में 4.72 प्रतिशत लुढ़ककर 39,701.64 अंक और इंडोनेशिया का जकार्ता कंपोजिट इंडेक्स भी 1.93 प्रतिशत की मंदी के साथ 5,050.43 के स्तर पर आ गया।

इसके अलावा चीन का शंघाई कंपोजिट इंडेक्स 1.14 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 3,649.18 अंक, हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग इंडेक्स 1.27 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,481.86 अंक और थाईलैंड का सेट कंपोजिट इंडेक्स 1.13 प्रतिशत की मंदी के साथ 1,465.70 अंक के स्तर पर बंद हुआ, जबकि सिंगापुर का स्ट्रेट्स टाइम्स इंडेक्स 2.21 प्रतिशत की सुस्ती के साथ 5,179.17 के स्तर पर बना रहा।

इन चौतरफा नकारात्मक एशियाई संकेतों के बीच केवल भारतीय बाजार के लिए शुरुआती संकेत देने वाला गिफ्ट निफ्टी ही अपवाद रहा, जो अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में आई गिरावट और विदेशी संस्थागत निवेशकों की भारी लिवाली के दम पर 0.19 प्रतिशत की मजबूती के साथ 25,038.50 अंक के स्तर पर बंद हुआ। गिफ्ट निफ्टी की यह तेजी सोमवार को घरेलू बाजार की ओपनिंग के लिए एक मजबूत और सकारात्मक सहारा साबित हो सकती है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

Powered By Sangraha 9.0