आम बजट: विकसित भारत @2047 की दिशा में एक दूरदर्शी, समावेशी और निर्णायक दस्तावेज: खंडेलवाल

युगवार्ता    01-Feb-2026
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सांसद एवं कैट महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल का फाइल फोटो


नई दिल्‍ली, 01 फरवरी (हि.स)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद एवं कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा रविवार को लोकसभा में पेश वित्‍त वर्ष 2026-27 के आम बजट को दूरदर्शी सोच, व्यावहारिक नीतियों और आर्थिक सशक्तिकरण का उत्कृष्ट समन्वय करार दिया है, जो भारत को विकसित भारत @2047 के लक्ष्य की ओर निर्णायक रूप से आगे बढ़ाएगा।

खंडेलवाल ने केंद्रीय बजट 2026-27 को एक प्रामाणिक और वास्तविक रूप से समावेशी दस्तावेज बताते हुए कहा कि बजट के विभिन्न प्रावधानों का प्रधानमंत्री नरेंन्द्र मोदी के ‘स्वदेशी’ आह्वान से सीधा जुड़ाव भारत के निर्यात को नई मजबूती देगा और भारतीय उत्पादों के लिए नए वैश्विक बाज़ार खोलने में सहायक सिद्ध होगा।

कैट महामंत्री ने कहा कि यह बजट प्रधानमंत्री मोदी के सशक्त, निर्णायक और दूरदर्शी नेतृत्व का सशक्त प्रतिबिंब है, जिनके मार्गदर्शन में भारत वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बावजूद निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है। यह बजट अपने समावेशी दृष्टिकोण, ठोस कार्ययोजना और स्पष्ट दिशा के माध्यम से देश की आर्थिक नींव को और अधिक मजबूत करता है।

खंडेलवाल ने कहा, “यह बजट देश के व्यापारियों, उद्यमियों, निवेशकों और विशेष रूप से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों के लिए आत्मविश्वास से भरा सकारात्मक संदेश देता है। आर्थिक विकास के साथ समाज के हर वर्ग को सशक्त बनाने की भावना इस बजट को विशिष्ट बनाती है।” एमएसएमई क्षेत्र पर विशेष बल का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट में आसान ऋण उपलब्धता, अनुपालन प्रक्रियाओं का सरलीकरण, डिजिटल सशक्तिकरण, तकनीकी उन्नयन तथा औपचारिकरण को प्रोत्साहन जैसे प्रावधान छोटे उद्योगों और व्यापारियों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

उन्होंने कहा, “एमएसएमई भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। बजट में एमएसएमई के लिए की गई घोषणाएं रोज़गार सृजन, उद्यमिता को प्रोत्साहन और भारतीय उत्पादों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने में निर्णायक साबित होंगी।” खंडेलवाल ने कहा कि बुनियादी ढांचे के विकास, लॉजिस्टिक्स की दक्षता, विनिर्माण, निर्यात, डिजिटल अर्थव्यवस्था और उपभोग आधारित विकास पर निरंतर ध्यान देने से देश के व्यापार और वाणिज्य को व्यापक लाभ मिलेगा।

उन्होंने कहा, “यह बजट आत्मनिर्भर, प्रतिस्पर्धी और समावेशी भारत के निर्माण की दिशा में एक मजबूत कदम है। यह देश की आर्थिक बुनियाद को और सुदृढ़ करते हुए विकसित भारत @2047 के विजन को साकार करने का स्पष्ट रोडमैप प्रस्तुत करता है।”

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर

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