
नई दिल्ली, 01 फ़रवरी (हि.स.)। रेल, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी तथा सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने केन्द्रीय बजट 2026-27 की सराहना करते हुए कहा है कि यह बजट विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने का स्पष्ट रोडमैप प्रस्तुत करता है।
बजट के बाद रेल भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि बजट कर्तव्य-प्रधान है और युवाओं की ऊर्जा और महिलाओं की शक्ति से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि यह बजट रेलवे, तकनीक, रचनात्मक उद्योग और एआई आधारित भविष्य को एक साथ आगे बढ़ाने वाला बजट है। यह भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में निर्णायक सिद्ध होगा।
अश्विनी वैष्णव ने बताया कि बजट में रेलवे के लिए दो लाख 78 हजार करोड़ रुपये का बजटीय समर्थन दिया गया है। कुल पूंजीगत व्यय दो लाख 93 हजार करोड़ रुपये रखा गया है। उन्होंने कहा कि कुल बजट में से एक लाख 20 हजार करोड़ रुपये यात्री सुविधाओं और रेल सुरक्षा पर खर्च किए जाएंगे।
मंत्री ने बताया कि सुरक्षा के क्षेत्र में किए गए प्रयासों से रेल दुर्घटनाओं में 95 प्रतिशत तक कमी आई है और आगे ट्रैक, लोको, कोच और वैगन मेंटेनेंस, कवच प्रणाली, सीसीटीवी कैमरे, ओएचई उन्नयन और नए स्टेशनों के निर्माण से सुरक्षा और बेहतर होगी।
बजट में सात नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा को ऐतिहासिक बताते हुए मंत्री ने कहा कि मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-बेंगलुरु, हैदराबाद-चेन्नई, चेन्नई-बेंगलुरु, दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी कॉरिडोर देश की कनेक्टिविटी को नई दिशा देंगे।
उन्होंने कहा कि लगभग चार हजार किलोमीटर लंबाई वाले इन कॉरिडोरों में 16 लाख करोड़ रुपये का निवेश आएगा। उन्होंने बताया कि दिल्ली से वाराणसी की दूरी मात्र तीन घंटे 50 मिनट में और वाराणसी से सिलीगुड़ी की दूरी दो घंटे 55 मिनट में तय की जा सकेगी।
दक्षिण भारत के लिए चेन्नई, बेंगलुरु और हैदराबाद को जोड़ने वाले साउथ हाई-स्पीड डायमंड को उन्होंने कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी के लिए विकास का बड़ा उत्प्रेरक बताया। इससे आईटी, उद्योग और सेवा क्षेत्र को तेज गति मिलेगी।
मंत्री वैष्णव ने एक नए समर्पित फ्रेट कॉरिडोर की घोषणा को भी महत्वपूर्ण बताया। यह पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर से गुजरात के सूरत तक जाएगा और पश्चिमी कॉरिडोर से जुड़ेगा। इससे उद्योगों को पश्चिमी तट के बंदरगाहों तक माल भेजने में बड़ी सुविधा मिलेगी।
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के संदर्भ में अश्विनी वैष्णव ने कहा कि मुंबई स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज को समर्थन दिया जाएगा। इसके तहत 15 हजार माध्यमिक विद्यालयों और 500 कॉलेजों में एवीजीसी कंटेंट क्रिएटर लैब स्थापित की जाएंगी। इससे 20 लाख नए रोजगार सृजित होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि भारत की ओरेंज इकोनॉमी, यानी रचनात्मक और सांस्कृतिक अर्थव्यवस्था, वैश्विक मंच पर मजबूती से उभर रही है।
इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी क्षेत्र में चार बड़े फैसलों का जिक्र करते हुए मंत्री ने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम का परिव्यय बढ़ाकर 40 हजार करोड़ रुपये कर दिया गया है। साथ ही इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 की शुरुआत की जाएगी। उन्होंने कहा कि एआई अर्थव्यवस्था के लिए न्यूक्लियर ऊर्जा आधारभूत स्वच्छ ऊर्जा प्रदान करेगी और इससे डेटा सेंटर, एआई सर्वर और चिप निर्माण में बड़े निवेश आएंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / अनूप शर्मा