भारतीय रेल की ऐतिहासिक पहलः नमक लोडिंग के लिए स्टेनलेस स्टील कंटेनरों का सफल ट्रायल

युगवार्ता    10-Feb-2026
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स्टील कंटेनर नमक की लोडिंग करते हुए


नई दिल्ली, 10 फ़रवरी (हि.स.)। भारतीय रेल ने अहमदाबाद मंडल के भीमासर–गांधीधाम सेक्शन में माल ढुलाई के क्षेत्र में एक नई उपलब्धि हासिल की है। नमक जैसे संक्षारक थोक कार्गो के परिवहन के लिए विशेष रूप से डिजाइन किए गए स्टेनलेस स्टील कंटेनरों का यहां पहला सफल ट्रायल संपन्न हुआ। यह पहल रेल की सुरक्षित, तेज और आधुनिक माल परिवहन व्यवस्था की दिशा में एक अहम कदम है।

रेल मंत्रालय के एक बयान के अनुसार, कंटेनरों में नमक लोडिंग को आसान और तेज़ बनाने के लिए ऊपर दो बड़े ओपनिंग (7 × 4 फीट) दिए गए हैं। नमक को साइलो सिस्टम या पोकलेन मशीन से सीधे लोड किया जा सकता है। ट्रायल के दौरान प्रति कंटेनर लोडिंग में 15 मिनट से भी कम समय लगा, जिससे पारंपरिक खुली वैगनों की तुलना में कार्यकुशलता में स्पष्ट बढ़ोतरी देखी गई।

अनलोडिंग की प्रक्रिया भी अत्यंत सहज रही। हाइड्रोलिक टिपर ट्रक की मदद से कंटेनर को झुकाकर 5 मिनट में पूरा नमक खाली किया गया। कंटेनरों के साइड दरवाज़ों के कारण नमक स्वतः गिर जाता है, जिससे अवशेष नहीं बचते और अतिरिक्त सफाई की आवश्यकता नहीं होती।

एक स्टेनलेस स्टील कंटेनर का खाली वजन लगभग 3 टन है और दो कंटेनर एक वैगन में रखे जा सकते हैं। यह प्रणाली मैनुअल सफाई और कोटिंग की आवश्यकता को समाप्त करती है और वैगनों के टर्नअराउंड समय को कम करके परिचालन क्षमता बढ़ाती है।

रेल मंत्रालय के अनुसार, यह पहल न केवल तकनीकी रूप से सफल रही है, बल्कि भारतीय रेल के आधुनिक, सुरक्षित और कुशल माल परिवहन के विजन को साकार करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुई है।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भीमासर–गांधीधाम सेक्शन में स्टेनलेस स्टील कंटेनरों के जरिए नमक लोडिंग के सफल ट्रायल की जानकारी साझा की। उन्होंने अपने एक्स पोस्ट में लिखा कि यह पहल न केवल जंग-रोधी कंटेनर और लंबी सेवा जीवन सुनिश्चित करती है, बल्कि मैनुअल सफाई और नुकसान को समाप्त करती है और वैगनों के टर्नअराउंड समय में सुधार लाती है।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार

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