
नई दिल्ली, 11 फ़रवरी (हि.स.)। रायपुर के सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने बुधवार को लोकसभा में बजट पर चर्चा में कहा कि यह बजट 2047 तक विकसित भारत की नींव रखने वाला है और इसकी विपक्ष द्वारा निंदा करना घोर निराशाजनक है।
बृजमोहन अग्रवाल ने विपक्ष को घेरते हुए कहा कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कोई भी विज़न पेश करने के बजाय अब तक सिर्फ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कोसा है। जो पिछले 12 सालों से लगातार मेहनत करते हुए देश की तस्वीर बदलते जा रहे हैं। राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि राहुल को खुद पता नहीं कि उन्हें क्या कहना है। मोदी जी के बजट में सभी वर्गों के हितों का ख्याल रखा गया है। कस्टम ड्यूटी घटाने, 7 हाई स्पीड रेल कॉरिडोर, 1000 क्लीनिकल ट्रायल साइट्स की घोषणा के साथ सरकार का पूरा फोकस किसानों की समृद्धि पर है। बजट में कैंसर और शुगर समेत 17 दवाओं पर सीमा शुल्क खत्म कर दिया है। इसके अलावा कई प्रोडक्ट्स पर कस्टम ड्यूटी घटाए जाने से जूते, चप्पल, स्मार्टफोन समेत कई मिडिल क्लास के उपयोग की चीजें सस्ती हो जाएंगी। सांसद बृजमोहन अग्रवाल के अनुसार सरकार ने 10,000 करोड़ रुपये एमएसएमई ग्रोथ फंड के लिए आवंटित किया है और सरकार का उद्देश्य चैंपियन एमएसएसई तैयार करना है। 5 मेडिकल हब में प्राइवेट सेक्टर की भागीदारी होगी, वहां आयुष केंद्र, डायग्नोस्टिक सर्विसेज, पोस्ट-केयर और रिहैब सेंटर विकसित किए जाएंगे, जिससे हेल्थ सेक्टर में रोजगार बढ़ेगा। इसके अलावा हाई क्वालिटी के आयुर्वेदिक उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि बजट में ग्रामीण महिलाओं के लिए शी-मार्ट्स का ऐलान किया गया है। ऐसी महिलाओं की अगुआई वाले तमाम बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए सेल्फ-हेल्प एंटरप्रेन्योर मार्ट्स शुरू किए जाएंगे, जहां महिलाएं अपने उत्पाद आसानी से बेच सकेंगी। इस दौरान वित्त मंत्री ने लखपति दीदी योजना की सफलता का भी जिक्र किया। इसके अलावा करीब 800 जिलों में छात्राओं के लिए हॉस्टल बनाए जाएंगे। हर जिले में कम से कम एक हॉस्टल बनाने का टारगेट है। विदेश में मेडिकल और पढ़ाई पर होने वाले खर्च को लेकर बजट में बड़ा ऐलान किया गया है। आधारभूत संरचना के विकास के लिए इस साल 12 लाख करोड़ रुपये प्रस्तावित है। जो रोज़गार के नए द्वार खोलेंगे समूचे बजट में पिछ्ली बार के 49 लाख करोड़ रुपये के मुकाबले इस साल 53 लाख करोड़ रुपये के खर्च का प्रावधान किया गया है। खर्च प्रस्ताव में 10 फ़ीसदी की ऐसी बढ़ोतरी युवाओं को अधिक से अधिक रोज़गार उपलब्ध करायेगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को भी इस साल 42 हजार करोड़ की बजाए 52 हजार करोड़ रुपये प्राप्त होंगे जिससे राज्य में विकास के नये रास्ते निकलेंगे। युवाओं और महिला बाल विकास पर भी और बेहतर ढंग से कार्य हो सकेगा।केंद्रीय बजट में छत्तीसगढ़, ओडिशा और केरल के लिए माइनिंग कॉरिडोर विकसित करने का ऐलान किया गया है। इससे खनिज आधारित उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। ऐसे कदम छत्तीसगढ़ की अपार खनिज संपदा से खुशहाली के अनेक रास्ते निकालेंगे। राज्य की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और कनेक्टिविटी बढ़ेगी। रेल्वे कॉरिडोर से भी छत्तीसगढ़ में विकास बढ़ेगा। बजट से छत्तीसगढ़ में शिक्षा क्रांति आएगी। आईआईटी भिलाई अब देश के 11 प्रमुख आईआईटी संस्थानों में अपना स्थान बनाएगा। छत्तीसगढ़ बजट की घोषणाओं से तकनीकी शिक्षा का नया केंद्र बनेगा। ग्रामीण अर्थव्यवस्था में विकास के नए पंख लगेंगे। छत्तीसगढ़ में कोसा सिल्क उद्योग, कोक और काजू उत्पादन को नए आयाम मिलेंगे। वैश्विक स्तर पर इसकी ब्रांडिंग होगी।, दानकुनी सूरत फ्रेट कॉरिडोर छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास की नई जीवन रेखा बनेगा। रायगढ़ से राजनांदगांव तक उद्योगों की किस्मत बदल जाएगी। यह औद्योगिक गलियारा राज्य के संपूर्ण विकास में सहायक होगा। पर्यावरण और उद्योग को ध्यान में रखते हुए कार्बन कैप्चर के लिए 20000 करोड़ का प्रावधान राज्य में भारी उद्योगों को एक नया आधुनिक आधार देगा। इसके अलावा राज्य में जनजातीय समुदायों के लिए समर्पित नई योजनाओं से विकास की मुख्य धारा में नए जुड़ाव आएंगे। नारी शक्ति शी स्मार्ट और महात्मा गांधी ग्राम स्वराज योजना से ग्रामीण महिलाओं और शिल्पकारों को भी नया आर्थिक संबल मिलेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी