
नई दिल्ली, 12 फरवरी (हि.स)। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने अमेरिकी कंपनी इंटेल कॉर्प पर 27.38 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। कंपनी पर यह जुर्माना डेस्कटॉप कंप्यूटर के लिए ‘बॉक्स्ड माइक्रो प्रोसेसर’ (बीएमपी) के संबंध में भारत के लिए एक अलग वारंटी नीति अपनाने को लेकर लगाया गया है।
भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग ने गुरुवार को जारी एक बयान में बताया कि सीसीआई ने 12 फरवरी को प्रतिस्पर्धा अधिनियम, 2002 (अधिनियम) की धारा 27 के तहत इंटेल कॉर्पोरेशन (इंटेल) पर अधिनियम की धारा 4 के उल्लंघन के लिए 27.38 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। आयोग ने इंटेल कॉर्पोरेशन पर उसके भारत-विशिष्ट वारंटी नीति के उल्लंघन के लिए यह जुर्माना लगाया है। ये आदेश केस संख्या 05/2019 में पारित किया गया था और इसकी एक प्रति सीसीआई की वेबसाइट www.cci.gov.in पर उपलब्ध है।
आयोग ने बयान में कहा कि इंटेल ने भारत में बॉक्स्ड माइक्रो प्रोसेसर के बाजार में अपनी दबदबे की स्थिति का दुरुपयोग किया है। प्रतिस्पर्धा आयोग की जांच में पाया गया कि भारत के लिए इंटेल की अलग वारंटी नीति चीन, ऑस्ट्रेलिया और अन्य देशों में लागू उसकी वारंटी नीतियों की तुलना में भेदभावपूर्ण थी। आयोग ने इंटेल को यह निर्देश दिया है कि वह भारत-केंद्रित इस विवादित वारंटी नीति को वापस लिए जाने का व्यापक प्रचार-प्रसार करे और इस पर अनुपालन रिपोर्ट भी पेश करे।
सीसीआई के मुताबिक अमेरिकी कंपनी इंटेल की इस नीति ने उपभोक्ताओं और समानांतर आयातकों के विकल्प सीमित करने का काम किया, जिससे भारतीय उपभोक्ताओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा। समानांतर आयात का मतलब ऐसे वैध उत्पादों के आयात से है, जो किसी कंपनी के आधिकारिक वितरण चैनल के बाहर से खरीदे जाते हैं।
आयोग ने कहा कि डेस्कटॉप कंप्यूटर के बीएमपी पर वारंटी संबंधी इंटेल की यह नीति आठ वर्षों तक लागू रही। इस अवधि को ध्यान में रखते हुए नियामक ने इंटेल के औसत प्रासंगिक कारोबार के आठ फीसदी के बराबर जुर्माना निर्धारित किया। हालांकि, एक अप्रैल, 2024 से इस नीति को वापस ले लिए जाने को ध्यान में रखते हुए आयोग ने जुर्माने की राशि को घटाकर 27.38 करोड़ रुपये कर दिया।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर