डानकुनि–सूरत समर्पित माल गलियारे के त्वरित क्रियान्वयन के निर्देश

युगवार्ता    12-Feb-2026
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डानकुनि-सूरत डीएफसी का ग्राफ


नई दिल्ली, 12 फ़रवरी (हि.स.)। भारतीय रेलवे ने केंद्रीय बजट 2026 में घोषित डानकुनि–सूरत समर्पित माल गलियारा (डीएफसी) परियोजना के त्वरित क्रियान्वयन की दिशा में तेज कार्रवाई शुरू कर दी है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माल गलियारे को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं।

रेल मंत्रालय ने गुरुवार को बताया कि करीब 2,100 किलोमीटर लंबा प्रस्तावित यह नया डीएफसी पश्चिम बंगाल के डानकुनि से गुजरात के सूरत तक जाएगा और पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र तथा गुजरात राज्यों से होकर गुजरेगा। इस गलियारे से पूर्वी और पश्चिमी भारत के बीच माल ढुलाई में उल्लेखनीय सुधार होगा, लॉजिस्टिक्स अधिक तेज और कुशल बनेगा, मालगाड़ियों की यात्रा अवधि कम होगी तथा मौजूदा रेल मार्गों पर भीड़भाड़ में कमी आएगी।

डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (डीएफसीसीआईएल) के अधिकारियों को नवीनतम माल ढुलाई तकनीकों को शामिल करते हुए सर्वोत्तम तकनीकी मानकों को शीघ्र अंतिम रूप देने के निर्देश दिए गए हैं। प्रमुख विशेषताओं में उच्च क्षमता वाली विद्युतीकरण प्रणाली, समपार रहित (निल लेवल क्रॉसिंग) ट्रैक और ‘कवच’ जैसी उन्नत सिग्नलिंग प्रणाली शामिल होंगी, जिससे सुरक्षा और माल वहन क्षमता दोनों में वृद्धि होगी।

डानकुनि–सूरत गलियारे की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) को नवीनतम लागत आकलन और संशोधित समय-सीमा के साथ अद्यतन किया जाएगा। इससे बेहतर योजना, बजट निर्धारण और समय पर क्रियान्वयन सुनिश्चित होगा। परियोजना को उपयुक्त खंडों में विभाजित कर समानांतर रूप से कार्य शुरू किया जाएगा। प्रत्येक खंड के लिए समर्पित कोर टीमों का गठन कर उन्हें क्षेत्र में तैनात किया जाएगा, जो कार्य की प्रगति की सतत निगरानी करेंगी।

रेलवे बोर्ड ने सभी पूर्व-निर्माण गतिविधियों की समग्र पहचान कर उन्हें तेज गति से आगे बढ़ाने तथा अनुबंध दस्तावेजों की तैयारी भी समानांतर रूप से शुरू करने के निर्देश दिए हैं, ताकि परियोजना शुरू होने में किसी प्रकार की देरी न हो।

इसके अतिरिक्त, इस गलियारे के लिए आवश्यक मानव संसाधन का आकलन भी किया जा रहा है। रेलवे बोर्ड को साप्ताहिक आधार पर की गई कार्रवाई, प्रगति और आवश्यक सहयोग की जानकारी दी जाएगी, ताकि परियोजना का निर्बाध और शीघ्र क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार

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