
भोपाल, 12 फरवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश स्टेट टाइगर फोर्स द्वारा गिरफ्तार किए गए कुख्यात अंतjरराष्ट्रीय बाघ शिकारी आदिम सिंह उर्फ कल्ला बावरिया और उसके दो अन्य साथियों को नर्मदापुरम की जिला न्यायालय ने दोषी मानते हुए चार-चार वर्ष के सश्रम कारावास की सजा और 25 हजार रुपये के जुर्माने से दण्डित किया है।
जनसम्पर्क अधिकारी केके जोशी ने गुरुवार को जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर वन एवं वन्य-जीव संरक्षण के लिये लगातार समग्र प्रयास किये जा रहे हैं। इसी दिशा में कार्रवाई करते हुए मप्र स्टेट टाइगर फोर्स को वन्य-जीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो भारत सरकार, नई दिल्ली से प्राप्त इन्टेलिजेंस इनपुट के आधार पर कुख्यात अंतरराष्ट्रीय बाघ शिकारी एवं तस्कर आदिम सिंह उर्फ कल्ला बावरिया को 18 अगस्त, 2023 को विदिशा जिले के ग्यारसपुर से गिरफ्तार किया था।
उन्होंने बताया कि स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स द्वारा भारत सरकार के माध्यम से एसएडब्ल्यूईएन (साउथ एशिया वाइल्ड लाइफ इन्फोर्समेंट नेटवर्क) मुख्यालय काठमांडू नेपाल से संपर्क कर कल्ला व उसके गिरोह के अन्य सदस्यों तथा अपराधों के संबंध में पड़ोसी देश नेपाल से जानकारी एकत्रित की, जिसमें नेपाल में भी वर्ष 2012 में कल्ला के विरुद्ध बाघ के शिकार व उसके अवयवों की तस्करी का प्रकरण दर्ज होना पाया गया। साथ ही पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र में भी बाघ के शिकार एवं उसके अवयवों के अवैध व्यापार का एक प्रकरण वर्ष 2013 का पाया गया। कल्ला बावरिया को विगत कई वर्षों से कई राज्यों की पुलिस, वन विभाग एवं नेपाल सेंट्रल इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (सीआईबी) तलाश रही थी।
एसटीएसाएफ द्वारा उक्त आरोपी को प्रोडक्शन वारंट पर वन विभाग जिला अकोला महाराष्ट्र को सौंपा गया था। प्रकरण की अग्रिम विवेचना के दौरान पुजारी सिंह पुत्र रामकुमार सिंह बावरिया निवासी होशियारपुर पंजाब एवं गिरोह की मुख्य कड़ी बाघ तस्कर एक महिला रिंडिक टेरोंपी निवासी असम को एसटीएसएफ द्वारा वर्ष 2025 में गिरफ्तार किया गया था।
एसटीएफ द्वारा की गई सटीक विवेचना एवं वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर एकत्रित किये गये सबूतों तथा सहायक जिला अभियोजन अधिकारी द्वारा ठोस पक्षों के आधार पर नर्मदापुरम के न्यायालय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा तीनों आरोपियों बावरिया, पुजारी सिंह बावरिया और रिंडिक टेरोंपी को दोषी मानते हुए 4-4 वर्ष का सश्रम कारावास और 25-25 हजार रुपये के जुर्माने से दण्डित किया गया।
जनसम्पर्क अधिकारी के अनुसार, अब वन विभाग द्वारा केन्द्र सरकार को प्रस्ताव भेजकर तस्कर कल्ला बावरिया को नेपाल को सौंपने की कार्यवाही की जाएगी। इससे दक्षिण एशिया महाद्वीप में फैले इस अंतर्राष्ट्रीय गिरोह द्वारा बाघों के शिकार एवं उनके अवयवों की तस्करी नेटवर्क को ध्वस्त किया जा सकेगा।
भोपाल के राष्ट्रीय उद्यान वन विहार में होगी शाकाहारी वन्य प्राणियों की गणना
इधर, मप्र की राजधानी भोपाल के राष्ट्रीय उद्यान वन विहार में आगामी 18, 19 एवं 20 फरवरी को स्वतंत्र विचरण करने वाले शाकाहारी वन्य प्राणियों की गणना सुबह 7 से 9 बजे तक की जायेगी। गणना के चलते 18 एवं 19 फरवरी को वन विहार में सुबह 6:30 से 10 बजे तक पर्यटकों के लिये प्रवेश बंद रहेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर