
नई दिल्ली, 12 फ़रवरी (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसद सामिक भट्टाचार्य ने गुरुवार को राज्यसभा में पश्चिम बंगाल सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य सरकार केंद्रीय सरकारी योजनाओं के कार्यान्वयन में जानबूझकर रुकावट डाल रही है। इस कारण जनता आवश्यक लाभों से वंचित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग केंद्रीय बजट की आलोचना कर रहे हैं, उन्हें पश्चिम बंगाल की वर्तमान स्थिति पर भी नजर डालनी चाहिए। उन्होंने भूमि अधिग्रहण और रेलवे लाइनों से जुड़ी समस्याओं का भी उल्लेख किया।
बजट पर चर्चा के दौरान सामिक भट्टाचार्य ने कहा कि पश्चिम बंगाल से पूंजी, छात्रों, श्रमिकों और प्रतिभा का पलायन क्यों हो रहा है। यह बजट विकासोन्मुखी है। उन्होंने कहा कि हरियाणा के किसान खुश हैं, लेकिन पश्चिम बंगाल के किसान असंतुष्ट हैं और आत्महत्या कर रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि इसके लिए जिम्मेदार कौन है।
उन्होंने कहा, “मैं ऐसे राज्य से आता हूं जो वृद्धाश्रम बनता जा रहा है। पश्चिम बंगाल से पूंजी, छात्र, श्रमिक और प्रतिभा का पलायन हो रहा है।”
उन्होंने कहा कि यदि इस समय देशव्यापी समावेशी विकास हासिल करना है तो मजबूत संघीय ढांचे की आवश्यकता है और उसका सम्मान किया जाना चाहिए।
तृणमूल कांग्रेस के सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने बजट को खास आदमी का बजट बताया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण भारत में हर 10 में से 5 लोगों के पास पर्याप्त इंटरनेट सुविधा नहीं है। ऐसे में न्यूनतम डिजिटल पहुंच के बावजूद मनरेगा श्रमिकों से ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने, ऐप का उपयोग करने, बैंक खातों के माध्यम से भुगतान लेने और ई-केवाईसी कराने की अपेक्षा की जा रही है।
उन्होंने लोगों से भाषण में “मिडिल क्लास” शब्द खोजने को कहा और दावा किया कि 5 में से 4 भारतीय प्रतिदिन 117 रुपये से कम कमाते हैं, जबकि घरेलू बचत पिछले 50 वर्षों के निचले स्तर पर पहुंच गई है।
दूसरा शब्द उन्होंने “बेरोजगारी” खोजने को कहा।
उन्होंने कहा कि हर 3 में से 1 युवा शिक्षा, रोजगार या प्रशिक्षण में नहीं है। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री चर्चा का जवाब देंगी, लेकिन असली जवाब दो महीने बाद तमिलनाडु और केरल से तथा फरवरी 2027 में उत्तर प्रदेश से मिलेगा।
उन्होंने लोकसभा में एक अन्य सदस्य के वक्तव्य को उद्धृत करते हुए कहा कि जब तक आप जीएसटी अधिनियम में लिखी बात और एक गरीब परिवार की किराने की पर्ची पर लिखी बात का अंतर नहीं समझेंगे, तब तक आप अपनी भारत में रहेंगे और हमें हमारे भारत में रहने दीजिए।
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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी