
ढाका, 13 फरवरी (हि.स.)। बांग्लादेश के 13वें संसदीय चुनाव में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) शानदार प्रदर्शन करते हुए बहुमत से आगे बढ़ती नजर आ रही है। बीएनपी ने अब तक 151 सीटें जीतकर बहुमत हासिल कर लिया है। प्रतिद्वंदी जमात-ए-इस्लामी 43 सीटें जीतकर मुख्य विपक्ष के तौर पर उभरी है। ढाका ट्रिब्यून अखबार की वेबसाइट पर मतगणना का यह अपडेट जारी किया गया है।
ढाका ट्रिब्यून के अनुसार, यह देश के लिए अहम पल है। साल 2024 की जुलाई क्रांति के बाद हुआ पहला आम चुनाव और राष्ट्रीय जनमत संग्रह बड़े बदलाव का संकेत दे रहे हैं। बीएनपी की दिवंगत नेता और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे पार्टी अध्यक्ष तारिक रहमान का प्रधानमंत्री बनना लगभग तय माना जा रहा है। रहमान ने दो सीटों पर चुनाव लड़ा और दोनों पर जीत दर्ज की।
इस चुनाव में जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले 11 पार्टियों के गठबंधन के सरकार बनाने के सपने को मतदाताओं ने चकनाचूर कर दिया है। चुनाव नतीजों की आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है। अन्य मीडिया रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि बीएनपी 299 सीटों में से 165 पर जीत हासिल कर चुकी है। जमात गठबंधन को अब तक सिर्फ 45 सीटें मिली हैं। जमात प्रमुख शफीकुर रहमान ने ढाका-15 सीट जीत ली है। तीन सीटों पर अन्य पार्टियों और निर्दलीय उम्मीदवारों की जीत हुई है। अब तक 206 सीटों के नतीजे सामने आए हैं।
देश से बाहर रह रहीं बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना ने गुरुवार को हुए चुनाव को फर्जी करार देते हुए उसे रद्द करने की मांग की है। मतदान के बाद जारी बयान में हसीना ने इसे असंवैधानिक चुनाव की संज्ञा दी। हसीना ने कहा कि यह दिखावटी चुनाव है। उन्होंने दावा किया कि 12 फरवरी की सुबह से देशभर के ज्यादातर पोलिंग बूथ पर मतदाता उपस्थिति बेहद कम रही और राजधानी ढाका समेत कई जगहों पर मतदान केंद्र लगभग खाली रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकुंद