

सहारनपुर, 16 फ़रवरी (हि.स.)। पाकिस्तनी जासूस इकबाल को सोमवार को सहारनपुर से कड़ी सुरक्षा में वाघा बॉर्डर के लिए रवाना किया गया। इससे पहले सुबह जिला अस्पताल में उसका मेडिकल टेस्ट कराया गया। फिर विशेष पुलिस टीम की निगरानी में बॉर्डर पर भेजा गया। सुरक्षा कारणों से रूट और समय गोपनीय रखा गया है। सीमा पर कागजी कार्रवाई के बाद उसे पाकिस्तान के अधिकारियों को सौंप दिया जाएगा।
इकबाल भट्टी को 8 अगस्त, 2008 को पंजाब पुलिस ने पटियाला में गिरफ्तार किया था। उससे सेना से जुड़े संवेदनशील नक्शे मिले थे। जांच में खुलासा हुआ था कि वह करीब एक साल से सहारनपुर के हकीकत नगर में देवराज सहगल के नाम से रह रहा था।
फर्जी दस्तावेजों के सहारे उसने वोटर आईडी, पैन कार्ड, राशन कार्ड बनवाए और बैंक खाता भी खुलवाया। 6 नवंबर, 2008 को एसबीआई के चीफ मैनेजर ने उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसके बाद जांच मे दोषी पाये जाने पर उसके खिलाफ ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट की धारा- 3, विदेशी अधिनियम की धारा 14 समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। सहारनपुर कोर्ट से सजा मिलने के बाद उसे गौतमबुद्धनगर जिला जेल में बंद किया गया था।
दरअसल, सहारनपुर जेल के पास ही आर्मी का कैंप है और इकबाल के पास से सेना से जुड़े दस्तावेज मिले थे। इसलिए सुरक्षा कारणों के चलते उसे सहारनपुर जेल में नहीं रखा गया। अलग-अलग मामलों को मिलाकर इकबाल ने करीब 17 साल गौतमबुद्धनगर जिला जेल में बिताए। 11 महीने पहले इकबाल की सजा पूरी हो गई थी। जिसके बाद जेल प्रशासन ने इकबाल के डिपोर्टेशन को लेकर सहारनपुर पुलिस को रिपोर्ट भेजी थी। इसके बाद पुलिस, एलआईयू और जेल प्रशासन के बीच पत्राचार हुआ। फिर गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय से दिशा-निर्देश लिए गए।
विदेश मंत्रालय ने पंजाब में दर्ज मामलों की रिपोर्ट मांगी थी। सभी औपचारिकताएं पूरी होने और पाकिस्तानी दूतावास से समन्वय के बाद इकबाल को वापस भेजने का निर्णय लिया गया।
हिन्दुस्थान समाचार / MOHAN TYAGI