अटल इनोवेशन मिशन ने अटल टिंकरिंग लैब के विद्यार्थियों के व्‍यावहारिक एआई नवाचार और विचार किए प्रदर्शित

18 Feb 2026 19:35:53
इंडिया एआई इंपैक्‍ट समिट 2026 में अटल इनोवेशन मिशन के जारी फोटो


नई दिल्‍ली, 18 फरवरी (हि.स)। राष्‍ट्रीय राजधानी नई दिल्‍ली के भारत मंडप में आयोजित इंडिया एआई इंपैक्‍ट समिट 2026 में अटल इनोवेशन मिशन (एआईएम) ने अटल टिंकरिंग लैब के विद्यार्थियों के व्‍यावहारिक एआई नवाचार और विचार प्रदर्शित किए। इसने दिखाया कि कैसे भारत की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यात्रा को जमीनी स्तर और पॉलिसी लेवल पर एक साथ आकार दिया जा रहा है।

नीति आयोग ने बुधवार को जारी बयान में बताया कि अटल इनोवेशन मिशन ने इंडिया एआई इंपैक्‍ट समिट 2026 में अहम भूमिका निभाई। नीति आयोग के तहत संचालित हो रहे अटल इनोवेशन मिशन ने इंडिया एआई इंपैक्‍ट समिट में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए दर्शाया कि भारत की कृत्रिम बुद्धिमत्ता यात्रा जमीनी और नीतिगत स्तर पर एक साथ कैसे आकार ले रही है।

मंत्रालय के मुताबिक इसमें मुख्‍य तौर पर एआई टिंकरप्रेन्योर का प्रदर्शन उल्‍लेखनीय रहा, जिसमें देशभर के अटल टिंकरिंग लैब्स (एटीएल) की 50 विद्यार्थियों की टीम ने स्वास्थ्य सेवा, कृषि, जलवायु परिवर्तन से निपटने, सेवा सुलभता, शिक्षा और सार्वजनिक सेवा वितरण जैसे क्षेत्रों में वास्तविक चुनौतियों के समाधान संबंधी एआई-आधारित नवाचार प्रस्तुत किए। इस प्रदर्शन से दिखा कि किस प्रकार विद्यालय स्तर पर एआई नवाचार भारत की राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के साथ तेजी से जुड़ रहा है।

अटल टिंकरिंग लैब नीति आयोग के अटल इनोवेशन मिशन के तहत स्कूलों के छठीं से बारहवीं कक्षा में स्थापित व्‍यवस्‍था है, ये प्रयोगशालाएं रोबोटिक्स, थ्रीडी प्रिंटर और 'डू-इट-योरसेल्फ' जैसे इलेक्ट्रॉनिक्स किट द्वारा विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित शिक्षा को व्यावहारिक रूप से सीखने में मदद करती हैं।

अटल इनोवेशन मिशन की प्रमुख पहल एआई टिंकरप्रेन्योर को इंटेल के सहयोग से कार्यान्वित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य स्कूली छात्रों में एआई दक्षता, रचनात्मकता और उद्यमशीलता की सोच बढ़ाना है। यह कार्यक्रम युवा नवप्रवर्तकों को वास्तविक दुनिया की चुनौतियों की पहचान करने और एआई उपकरणों और पद्धतियों का इस्‍तेमाल कर मापनीय, प्रौद्योगिकी-आधारित समाधान विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करता है।

नीति आयोग ने बताया कि इस वर्ष एआई टिंकरप्रेन्योर में देशभर से 12 हजार से अधिक विद्यार्थियों की टीम ने भाग लिया। इनमें इंडिया एआई इंपैक्‍ट समिट 2026 में नवाचार प्रस्तुत करने के लिए देशभर से शीर्ष 50 टीमों का चयन कठोर बहु-स्तरीय मूल्यांकन प्रक्रिया द्वारा किया गया।

शिखर सम्मेलन का विशेष आकर्षण 'एआई बाय हर' खंड रहा, जहां विभिन्न अटल टिंकरिंग लैब्स (एटीएल) की युवा महिला नवप्रवर्तकों ने एआई समाधान विकसित करने, बाधाएं पार करने और भारत के एआई पारिस्थितिकी तंत्र में आत्मविश्वास से योगदान देने वाली महिला नवप्रवर्तकों के रूप में उभरने की अपनी यात्रा साझा कीं। उनके नवाचार में खाद्य सुरक्षा, सुलभ और किफायती स्वास्थ्य सेवा और स्वदेशी नवाचार एवं आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने में 'वोकल फॉर लोकल' की भावना जैसी प्रमुख राष्ट्रीय प्राथमिकताएं प्रदर्शित हुईं। इन नवप्रवर्तकों की आवाज़ ने कृत्रिम बुद्धिमत्‍ता के भविष्य को आकार देने में समावेशी भागीदारी के महत्व को रेखांकित किया।

इस आयोजन में राष्ट्रीय गौरव का निर्णायक क्षण तब देखने को मिला जब अटल टिंकरिंग लैब्स के एक युवा नवप्रवर्तक ने माननीय प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के साथ संकल्‍प लिया, जो दायित्‍वपूर्ण एआई नवाचार और राष्ट्र निर्माण के प्रति भारत के युवाओं की सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है। विद्यार्थियों की सशक्त भागीदारी के साथ ही अटल इनोवेशन मिशन का सम्मेलन में उच्च स्तरीय नीति और पारिस्थितिकी तंत्र संवादों में भी योगदान रहा।

अटल नवाचार मिशन के निदेशक दीपक बागला ने एआई-युग में स्थिति अनुकूल भविष्य का निर्माण: प्रौद्योगिकी, ऊर्जा और सुरक्षा संक्रमण के लिए नेतृत्व और भारत में निवेश: क्षेत्रीय एआई हब और समावेशी विकास शीर्षक के दो महत्‍वपूर्ण पैनल परिचर्चाओं में भाग लिया। इन चर्चाओं द्वारा अटल इनोवेशन मिशन ने भारत के एआई भविष्य को आकार देने में स्थिति अनुकूलता, विकेंद्रीकृत नवाचार और समावेशी विकास के महत्व पर बल दिया।

बागला ने कहा, “कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) में भारत की शक्ति अलग-थलग उपलब्धियों से नहीं, बल्कि परस्पर जुड़े पारिस्थितिकी तंत्रों से आएगी। उन्‍होंने कहा कि अटल नवाचार मिशन में, हम स्टार्टअप और मेंटर (मार्गदर्शक), नवप्रवर्तक और निवेशक, नीति और व्यवहार के बीच सेतु का निर्माण कर रहे हैं। उन्‍होंने कहा कि जब ये संबंध सउद्देश्यपूर्ण ढंग से जुड़ते हैं, तो एआई उपकरण नहीं रह जाता, बल्कि राष्ट्रीय आंदोलन में बदल जाता है। श्री बागला ने कहा कि इसी अनुरूप भारत एआई का विभिन्‍न क्षेत्रों में उद्देश्‍यपरक इस्‍तेमाल करेगा, साथ ही, माननीय प्रधानमंत्री के विकसित भारत 2047 की भविष्‍यदृष्टि को साकार करने में विश्‍व को नेतृत्व भी प्रदान करेगा।”

इंडिया एआई इंपैक्‍ट समिट 2026 में अटल टिंकरिंग लैब्स की भागीदारी जमीनी स्तर के नवाचार और भारत के व्यापक एआई विजन के बीच सुदृढ़ तालमेल दर्शाती है, और प्रदर्शित करती है कि देशभर के कक्षाओं के युवा नवोन्मेषक राष्ट्र की नवाचार और उद्यमिता यात्रा में सक्रियता से योगदान दे रहे हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर

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