इंदौर में एक और अंगदान की तैयारी, कई जरूरतमंद मरीजों को मिलेगा नया जीवन

युगवार्ता    18-Feb-2026
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अंगदान (प्रतीकात्मक तस्वीर)


- खरगोन निवासी स्व. विजय जायसवाल के परिजनों ने दी सहमति, हार्ट, लिवर, किडनी सहित कई अंगों के दान की प्रक्रिया शुरू

भोपाल, 18 फरवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के इंदौर में एक और अंगदान की तैयारी शुरू हो गई है। खरगोन निवासी स्व. विजय जायसवाल के बुधवार को ब्रेन डेड घोषित होने के बाद उनके परिजनों ने अंगदान की सहमति दे दी है। इसके बाद उनके हार्ट, लिवर, किडनी सहित कई अंगों के दान की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इससे कई जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन मिलेगा।

इंदौर संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े ने बताया कि शहर में अंगदान के क्षेत्र में सतत एवं संगठित प्रयासों के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। राज्य शासन की मंशा एवं स्वास्थ्य विभाग के समन्वित मार्गदर्शन में चिकित्सा संस्थानों द्वारा अंगदान को जन-आंदोलन का स्वरूप देने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। इंदौर में एक और अंगदान की प्रक्रिया पूर्ण की जा रही है। यह न केवल मानवता की उत्कृष्ट मिसाल है, बल्कि गंभीर रूप से बीमार मरीजों के लिए जीवनदान का माध्यम भी बनेगी।

संभागायुक्त डॉ. खाड़े ने अंगदान की प्रक्रिया के लिए जल्द से जल्द सभी समुचित आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के लिए आदेश दिए हैं। एमजीएम मेडिकल कॉलेज के डीन की सिफारिश और डोनर की पत्नी की सहमति के आधार पर संभागायुक्त ने ऑर्गन रिट्रीवल, उसके ट्रांसपोर्टेशन और ट्रांसप्लांटेशन के लिए जल्द से जल्द सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों एवं चिकित्सकों को दिए हैं। संभागायुक्त डॉ. खाड़े ने इस निर्णय के लिए परिजनों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अंगदान से कई जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन मिल सकेगा।

एमजीएम मेडिकल कॉलेज इंदौर के डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया ने बताया कि खरगोन के खंडवा रोड स्थित गावशिंदे कॉलोनी निवासी विजय जायसवाल (आयु 49 वर्ष) को गत 15 फरवरी को गंभीर सिर की चोट, बाइलेटरल एसएएच, बाइलेटरल एसडीएच तथा डिफ्यूज़ सेरेब्रल एडिमा की स्थिति में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। चिकित्सकों की चार सदस्यीय टीम द्वारा ट्रांसफ्लांटेशन आफ ह्यूम आर्गन (THOA) नियम, 2014 के तहत 17 फरवरी को दोपहर 02:23 बजे उनकी पहली ब्रेन स्टेम डेथ घोषित की गई। इसके बाद बुधवार, 18 फरवरी को सुबह 11:01 बजे उसी टीम द्वारा एपनिया टेस्ट सहित दूसरी कन्फर्मेटरी मेडिकल जांच की गई, जिसमें यह पुष्टि हुई कि मरीज ब्रेन स्टेम डेड है।

डॉ. घनघोरिया ने बताया कि स्व. विजय जायसवाल की पत्नी आराधना जायसवाल को स्थिति से अवगत कराया गया, जिसके बाद उन्होंने हार्ट, लिवर, दोनों किडनी, पैंक्रियास, लंग्स, इंटेस्टाइन और हार्ट वॉल्व दान करने की सहमति प्रदान की। परिजनों की सहमति के आधार पर चिकित्सकों की टीम द्वारा अंगदान एवं प्रत्यारोपण की प्रक्रिया शुरू की गई तथा रिजनल आर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट आर्गेनाइजेशन (ROTTO) मुंबई और नेशनल आर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट आर्गेनाइजेशन (NOTTO) नई दिल्ली को सूचना दी गई।

उन्होंने बताया कि अंगों की हार्वेस्टिंग विशेष जुपिटर हॉस्पिटल इंदौर में की जाएगी। इंदौर में लिवर एवं किडनी प्रत्यारोपण की सुविधा उपलब्ध है। एक किडनी और लिवर का उपयोग विशेष जुपिटर हॉस्पिटल इंदौर में किया जाएगा, जबकि दूसरी किडनी चोइथराम अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र इंदौर में प्रत्यारोपित की जाएगी।

स्टेट आर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट आर्गेनाइजेशन (SOTTO) मध्य प्रदेश में हृदय और फेफड़ों के लिए उपयुक्त प्राप्तकर्ता उपलब्ध नहीं होने तथा अग्न्याशय, आंत और हृदय वाल्व प्रत्यारोपण की सुविधा न होने के कारण इन अंगों के आवंटन हेतु अलर्ट ROTTO मुंबई एवं NOTTO नई दिल्ली को भेजा गया। हृदय को ROTTO मुंबई द्वारा मारेंगो सीआईएणेस अस्पताल, अहमदाबाद को आवंटित किया गया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

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