मास्को, 18 फरवरी (हि.स.)। रूस और क्यूबा ने बुधवार को संयुक्त रूप से अमेरिका की क्यूबा के खिलाफ बढ़ती ‘ऊर्जा नाकेबंदी’ की कड़ी आलोचना की और इसे अवैध, अमानवीय और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा करार दिया। यह प्रतिक्रिया तब आई जब क्यूबा के विदेश मंत्री ब्रूनो रोड्रिगेज ने ऊर्जा संकट से जूझ रहे अपने देश के हितों के लिए रूस की राजनीतिक व संभावित आर्थिक सहायता की तलाश में मास्को का दौरा किया।
ब्रूनो रोड्रिगेज ने रूस के सबसे बड़े राजनयिक सेर्गेई लावरोव से बातचीत की। लावरोव ने अमेरिका से अपील करते हुए कहा कि वह क्यूबा के प्रति 'समझ और जिम्मेदारी' दिखाए और समुद्री–सैन्य नाकेबंदी की योजनाओं से बाज रहे, जिसे उन्होंने 'स्वतंत्रता के द्वीप' पर एक अवैध कदम बताया।लावरोव ने यह भी कहा कि 70 से अधिक वर्षों से चली आ रही अमेरिकी नीतियां क्यूबा के आर्थिक संकट को और गंभीर बना रही हैं और दुनिया भर की कई सरकारों को चिंतित कर रही हैं। उन्होंने रूस की क्यूबा के 'भाईचारे और समर्थन' को दोहराया, लेकिन किसी ठोस ईंधन आपूर्ति का वादा फिलहाल सार्वजनिक रूप से नहीं किया।
फ्यूल संकट की जड़ इस बात में है कि अमेरिका ने वेनेज़ुएला से क्यूबा के लिए तेल की प्रमुख आपूर्ति को रोक दिया है और अन्य देशों को भी तेल निर्यात में दिक्कतों का सामना करना पड़ा रहा है। इसमें क्यूबा के लिए खासकर ऊर्जा संकट और ब्लैक-आउट जैसी दिक्कतें आ सकती हैं।
क्यूबा ने कहा है कि यह दबाव उसके राजनीतिक पथ को नहीं बदलेगा और वह अपनी स्वतंत्र नीति पर कायम रहेगा। मास्को और हवाना के बीच दशकों पुराने सहयोग को जारी रखने की प्रतिबद्धता भी दोहराई।
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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय