बेलडांगा हिंसा : एनआईए ने मुर्शिदाबाद पुलिस से केस डायरी मांगी

19 Feb 2026 21:46:53
मुर्शिदाबाद


कोलकाता, 19 फरवरी (हि.स.)। राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले की पुलिस को ईमेल भेजकर पिछले महीने बेलडांगा में हुई हिंसा से संबंधित केस डायरी उपलब्ध कराने को कहा है। एनआईए के एक अधिकारी ने गुरुवार को यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि अब तक बेलडांगा हिंसा मामले की केस डायरी एनआईए को सौंपे जाने को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। केंद्रीय जांच एजेंसी का दावा है कि सर्वोच्च न्यायालय ने निर्देश दिया है कि बेलडांगा हिंसा मामले की केस डायरी 26 फरवरी तक प्रस्तुत की जाए। फिलहाल एनआईए इस मामले में मुर्शिदाबाद पुलिस की अगली कार्रवाई पर नजर रखे हुए है।

उल्लेखनीय है कि इसी वर्ष जनवरी में मुर्शिदाबाद जिले का बेलडांगा उस समय लंबे समय तक अशांति का केंद्र बन गया था, जब जिले के प्रवासी श्रमिक अलाउद्दीन शेख की झारखंड में मृत्यु की खबर सामने आई। 16 जनवरी को जब अलाउद्दीन का शव झारखंड पहुंचा, तो स्थानीय लोग सड़कों पर उतर आए। पश्चिम बंगाल के प्रवासी श्रमिकों की अन्य राज्यों में हुई मौतों के विरोध में भी प्रदर्शन हुए।

अलाउद्दीन की मौत के विरोध में 16 जनवरी को प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग जाम कर दिया, टायर जलाए और उग्र प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के कारण सियालदह-लालगोला रेल मार्ग पर ट्रेन सेवाएं भी बाधित रहीं। इसी दिन बेलडांगा में एक महिला पत्रकार पर भी हमला किया गया था।

हालांकि पुलिस ने पहले दिन ही प्रदर्शन को नियंत्रित कर लिया था, लेकिन 17 जनवरी को स्थिति फिर तनावपूर्ण हो गई। बाद में पुलिस ने अदालत में दावा किया कि पहले दिन का विरोध कुछ हद तक स्वतःस्फूर्त था, जबकि दूसरे दिन की अशांति योजनाबद्ध थी। हिंसा में कथित संलिप्तता के आरोप में एक राजनीतिक दल के नेता सहित कुल 36 लोगों को गिरफ्तार किया गया।

कलकत्ता उच्च न्यायालय ने कहा था कि यदि केंद्र सरकार चाहे तो वह बेलडांगा हिंसा मामले की जांच एनआईए को सौंप सकती है। साथ ही राज्य सरकार आवश्यक होने पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए केंद्र से अतिरिक्त बल की मांग कर सकती है। उच्च न्यायालय के इस निर्णय के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मामले की जांच एनआईए को सौंप दी।

राज्य सरकार की मांग पर सुनवाई के दौरान सर्वोच्च न्यायालय ने एनआईए जांच पर रोक नहीं लगाई। हालांकि, शीर्ष अदालत ने निर्देश दिया कि एनआईए बेलडांगा हिंसा मामले की जांच के दौरान गैरकानूनी गतिविधि (निवारण) अधिनियम लागू करने के प्रथमदृष्टया आधार पर एक रिपोर्ट कलकत्ता उच्च न्यायालय की खंडपीठ को सीलबंद लिफाफे में सौंपे। साथ ही यह भी कहा गया कि प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत की पीठ इस रिपोर्ट पर स्वतंत्र रूप से विचार करेगी और राज्य सरकार की अपील पर सुनवाई करेगी।

हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर

Powered By Sangraha 9.0