52वां अंतरराष्ट्रीय खजुराहो नृत्य समारोह शुक्रवार से, सात दिन शास्त्रीय शैलियों के नृत्य एवं संवाद का होगा समागम

19 Feb 2026 22:18:53
खजुराहो नृत्य समारोह (फाइल फोटो)


- 7 पद्मश्री और 6 संगीत नाटक अकादमी अवॉर्डी नृत्य कलाकारों के साथ ही उदीयमान कलाकार भी देंगे प्रस्तुतियां

भोपाल, 19 फरवरी (हि.स.)। यूनेस्को विश्व धरोहर मध्य प्रदेश के खजुराहो में शुक्रवार, 20 फरवरी से सात दिवसीय 52वां अंतरराष्ट्रीय खजुराहो नृत्य समारोह की शुरुआत होने जा रही है। विश्वविख्यात मंदिर की पृष्ठभूमि में आयोजित इस महोत्सव में देश-विदेश के ख्यातिप्राप्त कलाकार अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगे। समारोह में भरतनाट्यम, कथक, ओडिसी, कुचिपुड़ी, मणिपुरी और मोहिनीअट्टम जैसी प्रमुख शास्त्रीय शैलियों की प्रस्तुति दी जाएगी।

प्रदेश के संस्कृति एवं पर्यटन राज्यमंत्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी ने गुरुवार को बताया कि खजुराहो नृत्य समारोह इस वर्ष भी भारतीय शास्त्रीय नृत्य की विविध शैलियों का अद्भुत संगम प्रस्तुत करेगा। इस सात दिवसीय सांस्कृतिक प्राचीन मंदिरों की भव्यता और प्रकाश सज्जा के बीच कलाकारों की अभिव्यक्ति भारतीय संस्कृति की समृद्ध परंपरा को जीवंत करेगी। हर वर्ष की तरह इस बार भी देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक और कलारसिक शामिल होंगे।

उन्होंने बताया कि संस्कृति विभाग की उस्ताद अलाउद्दीन खां संगीत एवं कला अकादमी द्वारा भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग, दक्षिण मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र, नागपुर एवं जिला प्रशासन - छतरपुर के सहयोग से खजुराहो के मंदिर परिसर में आयोजित ‘52वें खजुराहो नृत्य समारोह’ में देश के सुप्रतिष्ठित एवं उदीयमान नर्तक - नृत्यांगनाएं अपनी साधनारत प्रस्तुतियों से भारतीय शास्त्रीय नृत्य की विविध परम्पराओं को मंच पर साकार करेंगी। साथ ही इस समारोह को सांस्कृतिक समागम बनाने की दृष्टि से विविध कला विधाओं से सम्बंधित गतिविधियों को आयोजित किया जा रहा है, ताकि यह समारोह भव्य और स्मरणीय बन सके।

‘नटराज’ थीम : नृत्य, लय और सृजन का प्रतीक

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के विजन अनुसार इस वर्ष खजुराहो नृत्य समारोह को शास्त्रीय नृत्य की प्रेरणा और आधार ‘नटराज’ की थीम पर केंद्रित किया गया है। यह थीम भारतीय दर्शन, सृजन और लयबद्ध जीवन दृष्टि का प्रतीक है, जो समारोह को एक गहन आध्यात्मिक आयाम प्रदान करेगा। पद्म पुरस्कार प्राप्त, संगीत नाटक अकादमी सम्मानित एवं राष्ट्रीय- राज्य स्तरीय अलंकरणों से विभूषित कलाकारों के साथ उदीयमान प्रतिभाओं को समान मंच प्रदान किया जा रहा है, जिससे नृत्य की गुरु- शिष्य परम्परा और निरंतर एवं सुदृढ़ हो सके। समारोह में कथक की 6, भरतनाट्यम की 4, ओडिसी की 5, मणिपुरी की 2, कथकली की 1, कुचिपुड़ी की 2, मोहिनीअट्टम की 1, सत्रिया की 1 एवं छाऊ नृत्य की 1 प्रस्तुतियाँ होगी।

52वें खजुराहो नृत्य समारोह में प्रथम बार सांस्कृतिक रैली में विभिन्न विधाओं एवं परंपराओं के नृत्य कलाकार खजुराहो के विभिन्न मार्गों से होते हुए मुख्य कार्यक्रम स्थल तक पहुंचेंगे। महोत्सव में देश के 10 से 16 वर्ष आयु वर्ग के युवा शास्त्रीय नृत्य कलाकारों को सहभागिता के लिए एक राष्ट्रीय मंच राष्ट्रीय बाल नृत्य महोत्सव– 2026 प्रदान किया जा रहा है। प्रस्तुति देने के लिए वरिष्ठ कला गुरुओं द्वारा 31 नृत्य कलाकारों का चयन किया गया है।

पर्यटकों और संस्कृति प्रेमियों के लिए खजुराहो नृत्य समारोह के दौरान आनुषंगिक गतिविधियों का संचालन किया जाएगा। इसमें खजुराहो कार्निवाल, ‘नटराज’ प्रदर्शनी में 50 नृत्यरूपों का प्रदर्शन, लयशाला : नृत्य शैलियों के श्रेष्ठ गुरुओं एवं शिष्यों का संगम, कलावार्ता : कलाविदों एवं कलाकारों के मध्य संवाद, आर्ट - मार्ट : चित्रकला प्रदर्शनी, सृजन : पारम्परिक शिल्प निर्माण तकनीक का प्रदर्शन, हुनर : पारम्परिक शिल्पों का प्रदर्शन सह विक्रय और स्वाद : देशज व्यंजन प्रमुख आकर्ष होंगे।

खजुराहो पर्यटन की दृष्टि से आकर्षक एवं लोकप्रिय स्थल है। खजुराहो नृत्य समारोह के दौरान मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग की ओर से विशेष गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। विगत वर्षों में भी पर्यटन गतिविधियों ने पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित किया है। इस वर्ष विशेष रूप से घुमन्तू समुदायों के साथ गाँवों की सैर, एक दिवसीय भ्रमण कार्यक्रम (कैम्पिंग गतिविधि), नेचर वॉक, खजुराहो विलेज टूर, ई – बाइक टूर, वॉटर स्पोर्ट्स, हॉट एयर बैलून एवं फेम टूर जैसी रोमांचकारी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।

20 से 26 फरवरी तक की नृत्य प्रस्तुतियां सायं 6:30 बजे से

20 फरवरी, 2026

- पद्मश्री ममता शंकर, कोलकत्ता - कथक

- अनुराधा वेंकटरमन, चेन्नई - भरतनाट्यम

- शुभदा वराडकर, मुम्बई - ओडिसी

21 फरवरी, 2026

- विश्वदीप, दिल्ली - कथक

- अक्मादल काईनारोवा, कजाकिस्तान - भरतनाट्यम

- प्रभात मेहतो, झारखंड - छाऊ

22 फरवरी, 2026

- एसएनए अवार्डी थोकचोम इवेमुबि देवी, मणिपुर - मणिपुरी

- पद्मश्री दुर्गाचरण रनवीर, ओडिसा - ओडिसी

- सत्रिया केन्द्र समूह, असम - सत्रिया

23 फरवरी, 2026

- नव्या नायर, चेन्नई - भरतनाट्यम

- एसएनए अवार्डी कोट्टक्कल नंदकुमार नायर, केरल - कथकली

- पद्मश्री पद्मजा रेड्डी, हैदराबाद – कुचिपुड़ी

24 फरवरी, 2026

- शिंजनी कुलकर्णी, दिल्ली - कथक

- पद्मश्री इलियाना सिटर, भुवनेश्वर - ओडिसी

- पद्मश्री कलामंडलम क्षमावेती, केरल - मोहिनीअट्टम

25 फरवरी, 2026

- एसएनए अवार्डी शाश्वती सेन, दिल्ली - कथक

- मोहंती, भुवनेश्वर - ओडिसी

- एसएनए अवार्डी नयनसखी देवी, मणिपुर – मणिपुरी

- खुशबू पांचाल, उज्जैन – कथक समूह

26 फरवरी, 2026

- सुनयना हजारीलाल, मुम्बई - कथक

- पद्मश्री प्रतिभा प्रहलाद, बैंगलुरु - भरतनाट्यम

- एसएनए अवार्डी सुश्री भावना रेड्डी, दिल्ली - कुचीपुड़ी

- प्रभुतोष पाण्डा, भुवनेश्वर - ओडिसी।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

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