यरुशलम, 19 फरवरी (हि.स.)। बेंजामिन नेतन्याहू ने गुरुवार को कहा कि गाजा पट्टी में पुनर्निर्माण कार्य शुरू होने से पहले हमास का निरस्त्रीकरण और क्षेत्र का पूर्ण सैन्यीकरण समाप्त होना आवश्यक है। उन्होंने दावा किया कि इस मुद्दे पर अमेरिका के साथ सहमति बन गई है।
इजराइल डिफेंस फोर्स (आईडीएफ) के अधिकारियों के दीक्षांत समारोह में नेतन्याहू ने कहा, “हमने अपने अमेरिकी मित्रों के साथ सहमति बनाई है कि गाजा पट्टी के निरस्त्रीकरण से पहले वहां कोई पुनर्निर्माण नहीं होगा।” उन्होंने स्पष्ट किया कि गाजा का भविष्य सुरक्षा व्यवस्था पर निर्भर करेगा।
इस बीच वॉशिंगटन में आयोजित पहली ‘बोर्ड ऑफ पीस’ की बैठक में नेतन्याहू शामिल नहीं हुए। उनकी जगह इजराइल के विदेश मंत्री गिदोन सार ने भाग लिया।
समारोह में इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि गाजा के भीतर एक सुरक्षा क्षेत्र में आईडीएफ की स्थायी मौजूदगी बनी रहेगी। उन्होंने कहा, “गाजा के अंदर सुरक्षा क्षेत्र में आईडीएफ की स्थायी उपस्थिति हमेशा बनी रहेगी।”
हालांकि, पूर्व में अमेरिकी मध्यस्थता से हुए 20-सूत्रीय युद्धविराम समझौते में यह प्रावधान था कि अंतरराष्ट्रीय बलों की तैनाती के साथ इजराइल चरणबद्ध तरीके से अपनी सेना को पीछे हटाएगा।
नेतन्याहू ने अपने संबोधन में ईरान के साथ संभावित टकराव का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इजराइल हर चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार और सतर्क है तथा इस संबंध में अमेरिका के साथ करीबी समन्वय में काम कर रहा है।
उन्होंने चेतावनी दी, “यदि ईरान हम पर हमला करने की गलती करता है, तो उसे ऐसी प्रतिक्रिया का सामना करना पड़ेगा जिसकी वह कल्पना भी नहीं कर सकता।”
गाजा में जारी संघर्ष और क्षेत्रीय तनाव के बीच इजराइल के इन बयानों को पश्चिम एशिया की सुरक्षा स्थिति के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय