ट्रंप ने ‘बोर्ड ऑफ पीस’ की शुरुआत की, गाजा के लिए 10 अरब डॉलर देने की घोषणा

युगवार्ता    19-Feb-2026
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वॉशिंगटन, 19 फरवरी (हि.स.)। डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को “बोर्ड ऑफ पीस” नामक एक नए वैश्विक मंच की शुरुआत की और गाजा में युद्ध के बाद स्थिरीकरण व राहत कार्यों के लिए अमेरिका की ओर से 10 अरब डॉलर की सहायता देने की घोषणा की। यह बैठक अमेरिकी शांति संस्थान में आयोजित की गई, जिसमें कई देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

उद्घाटन सत्र में ट्रंप के साथ उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विदेश मंत्री मार्को रूबियो, विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और बोर्ड सदस्य जारेड कुशनर मौजूद रहे। ट्रंप ने कहा कि यह मंच गाजा, मध्य पूर्व और विश्व के लिए “उज्ज्वल भविष्य” सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बनाया गया है।

बैठक में 40 से अधिक देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए, जिनमें पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ भी मौजूद थे। भारत का प्रतिनिधित्व अमेरिका में उप राजदूत नमग्या खम्पा ने किया।

ट्रंप ने दावा किया कि गाजा में युद्ध समाप्त हो चुका है और युद्धविराम कायम है। उन्होंने कहा कि हमास से हथियार छोड़ने की उम्मीद की जा रही है और यदि ऐसा नहीं हुआ तो उसे “कड़ी प्रतिक्रिया” का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि सभी बचे हुए बंधकों की वापसी हो चुकी है।

ट्रंप के अनुसार, कजीाखस्तान, अजरबैजान, यूएई, मोरक्को, बहरीन, कतर, सऊदी अरब, उज्बेकिस्तान और कुवैत ने राहत पैकेज के लिए 7 अरब डॉलर से अधिक का योगदान दिया है। उन्होंने बताया कि संयुक्त राष्ट्र मानवीय सहायता समन्वय कार्यालय 2 अरब डॉलर जुटा रहा है, जबकि फीफा गाजा परियोजनाओं के लिए 7.5 करोड़ डॉलर एकत्र करेगा।

अमेरिका की ओर से 10 अरब डॉलर की घोषणा को ट्रंप ने युद्ध की लागत की तुलना में “बहुत छोटी राशि” बताया। उन्होंने यह भी कहा कि अल्बानिया, कोसोवो और कजाखस्तान ने गाजा में स्थिरता के लिए सैनिक और पुलिस बल देने का वादा किया है, जबकि मिस्र और जॉर्डन प्रशिक्षण व सहयोग प्रदान करेंगे।

अपने संबोधन में ट्रंप ने भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने दोनों देशों से तनाव कम करने को कहा था। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि दोनों परमाणु शक्ति संपन्न देश हैं और संघर्ष की स्थिति में व्यापारिक प्रतिबंध लगाए जा सकते थे।

गौरतलब है कि गाजा संघर्ष का ताजा चरण 07 अक्टूबर 2023 को हमास के हमले के बाद शुरू हुआ था, जिसमें इजराइल में करीब 1,200 लोगों की मौत हुई और 200 से अधिक लोगों को बंधक बनाया गया। इसके बाद इजराइल की सैन्य कार्रवाई में गाजा में हजारों लोगों की मौत हुई और गंभीर मानवीय संकट पैदा हुआ।

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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय

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