लंदन, 19 फरवरी (हि.स.)। ईरान की एक अदालत द्वारा जासूसी के आरोप में ब्रिटिश दंपति को 10 वर्ष की सजा सुनाए जाने पर ब्रिटेन ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। ब्रिटेन की गृह मंत्री यवेटे कूपर ने इस फैसले को “पूरी तरह अनुचित” बताते हुए कहा कि सरकार उनकी रिहाई के लिए हरसंभव प्रयास जारी रखेगी।
क्रेग फोरमैन और लिंडसे फोरमैन पर ईरान ने देश के विभिन्न हिस्सों में जानकारी जुटाने के आरोप में जासूसी का मुकदमा चलाया। दोनों को पिछले वर्ष 3 जनवरी को ईरान में एक वैश्विक मोटरसाइकिल यात्रा के दौरान गिरफ्तार किया गया था। आधिकारिक घोषणा के अनुसार, उन्हें 13 महीनों से अधिक समय से हिरासत में रखा गया है।
ब्रिटिश मंत्री कूपर ने बयान में कहा कि सरकार ईरानी अधिकारियों से लगातार संपर्क में है और तब तक प्रयास जारी रखेगी जब तक दंपति सुरक्षित रूप से ब्रिटेन लौटकर अपने परिवार से नहीं मिल जाते।
लिंडसे फोरमैन के पुत्र जो बेनेट ने कहा कि 27 अक्टूबर को तीन घंटे चली सुनवाई में दंपति को अपना बचाव प्रस्तुत करने की अनुमति नहीं दी गई। परिवार ने आरोपों के समर्थन में कोई ठोस साक्ष्य न दिखाए जाने पर चिंता जताई है।
परिवार के अनुसार, हिरासत के दौरान दंपति को सीमित कानूनी सहायता, एकांत कारावास और बुनियादी आवश्यकताओं के लिए धन प्राप्त करने में देरी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा। कांसुलर मुलाकातों में भी व्यवधान की शिकायत की गई है।
लिंडसे फोरमैन को एविन प्रीजन की महिला शाखा में रखा गया है, जबकि उनके पति क्रेग राजनीतिक विंग में बंद हैं।
मानवाधिकार संगठनों का आरोप है कि ईरान में विदेशी नागरिकों की गिरफ्तारी अक्सर कूटनीतिक विवादों में दबाव के साधन के रूप में की जाती है। हालांकि इरान इन आरोपों से इनकार करता रहा है और कहता है कि सभी मामले राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े वैध मुद्दों पर आधारित हैं।
ब्रिटेन ने कहा है कि वह कांसुलर सहायता जारी रखेगा और इस मामले को प्राथमिकता के आधार पर उठाता रहेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय