जेपीएससी-2 घोटाले में ईडी ने मनी लाउंड्रिंग जांच की तेज, 28 अधिकारियों की संपत्ति का मांगा विवरण

युगवार्ता    02-Feb-2026
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फ़ाइल फ़ोटो ईडी कार्यालय


रांची, 02 फरवरी (हि.स.)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी-2) घोटाले में आईआर दर्ज करने के बाद मनी लाउंड्रिंग के बिंदु पर जांच को तेज कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार, ईडी ने इस मामले में सीबीआई की ओर से आरोपित झारखंड पुलिस और प्रशासन के 28 अधिकारियों से संबंधित विस्तृत जानकारी मांगी है, जिसमें उनकी ओर से घोषित संपत्ति का विवरण भी शामिल है।

ईडी ने जिन अधिकारियों की संपत्ति का विवरण मांगा है, उनमें राधा प्रेम किशोर, विनोद राम, हरिशंकर, रवि कुमार कुजूर, मुकेश कुमार महतो, कुंदन कुमार सिंह, मौसमी नागेश, कानू राम नाग, प्रकाश कुमार, संगीता कुमारी, रजनीश कुमार, शिवेंद्र, संतोष कुमार चौधरी, रोहित सिंह, शैलेश कुमार श्रीवास्तव, अमित कुमार, राहुल जी आनंद, इंद्रजीत सिंह, शिशिर कुमार सिंह, राजीव कुमार सिंह, रामकृष्ण कुमार, प्रमोद राम, अरविंद कुमार सिंह, विकास कुमार पांडे, मनोज कुमार, सुदामा कुमार और कुमुद कुमार शामिल हैं।

दरअसल, सीबीआई ने जेपीएससी-2 घोटाले की जांच के बाद कुल 60 आरोपितों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया था। इसमें जेपीएससी के छह अधिकारी, ग्लोबल इंफॉरमेटिक्स के 28 परीक्षार्थी और 25 परीक्षक शामिल थे। आरोपित सभी 28 अधिकारी फिलहाल जमानत पर हैं। इन आरोपितों में से कुछ राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी अब एडीएम रैंक में और राज्य पुलिस सेवा के दो अधिकारी आईपीएस रैंक में पदोन्नत हो चुके हैं।

ईडी ने राज्य सरकार को पत्र लिखकर इन सभी अधिकारियों की पोस्टिंग और संपत्ति का ब्योरा मांगा है।

उल्लेखनीय है कि अधिकारियों को सरकारी नौकरी में योगदान देते समय और हर साल अपनी संपत्ति की घोषणा करने का नियम है। अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों को यह विवरण भारत सरकार को भेजना होता है। अधिकारियों की संपत्ति की स्व घोषणा प्रशासनिक भ्रष्टाचार पर निगरानी के लिए अनिवार्य है।

ईडी अब जेपीएससी घोटाले में आरोपित सभी अधिकारियों द्वारा की गई संपत्ति की जानकारी एकत्र कर रही है।--------------

हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे

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