प्रधानमंत्री रविवार को करेंगे दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर को राष्ट्र को समर्पित

युगवार्ता    20-Feb-2026
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PM Modi


नई दिल्ली, 20 फ़रवरी (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रविवार को मेरठ में संपूर्ण 82 किलोमीटर लंबे दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर को राष्ट्र को समर्पित करेंगे और लगभग 12,930 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे।

प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी रविवार को उत्तर प्रदेश के मेरठ का दौरा करेंगे। दोपहर में वे शताब्दी नगर नमो भारत स्टेशन पर मेरठ मेट्रो और नमो भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। यहां से वे मेरठ साउथ स्टेशन तक मेट्रो की यात्रा करेंगे। इसके बाद लगभग 12,930 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे और उन्हें राष्ट्र को समर्पित करेंगे। वे इस अवसर पर सभा को संबोधित भी करेंगे।

प्रधानमंत्री पहली नमो भारत क्षेत्रीय तीव्र पारगमन प्रणाली (आरआरटीएस) के शेष खंडों का भी उद्घाटन करेंगे। इनमें दिल्ली में सराय काले खान और न्यू अशोक नगर के बीच का 5 किलोमीटर का खंड और उत्तर प्रदेश में मेरठ साउथ और मोदीपुरम के बीच का 21 किलोमीटर का खंड शामिल है। 180 किलोमीटर प्रति घंटे की डिज़ाइन गति के साथ, नमो भारत देश की पहली क्षेत्रीय तीव्र पारगमन प्रणाली है। यह कॉरिडोर साहिबाबाद, गाजियाबाद, मोदीनगर और मेरठ जैसे प्रमुख शहरी केंद्रों को दिल्ली से तेजी से जोड़ेगा। कॉरिडोर का शुरुआती स्टेशन सराय काले खान है, जो इस उद्घाटन के साथ शुरू होने वाले चार नमो भारत स्टेशनों में से एक है।

यह रणनीतिक रूप से एक प्रमुख मल्टी-मॉडल हब के रूप में स्थित है, जो हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन, दिल्ली मेट्रो की पिंक लाइन, वीर हकीकत राय आईएसबीटी और रिंग रोड को निर्बाध रूप से जोड़ता है। शुरू होने वाले अन्य तीन नमो भारत स्टेशन शताब्दी नगर, बेगमपुल और मोदीपुरम मेरठ में हैं। प्रधानमंत्री देश में अपनी तरह की पहली पहल के तहत, नमो भारत के समान बुनियादी ढांचे पर चलने वाली मेरठ दक्षिण और मोदीपुरम के बीच मेरठ मेट्रो सेवाओं का भी उद्घाटन करेंगे। मेरठ मेट्रो लगभग 120 किमी प्रति घंटे की अधिकतम परिचालन गति के साथ भारत की सबसे तेज मेट्रो प्रणाली होगी। मेट्रो सभी निर्धारित स्टॉपेज के साथ पूरे मार्ग को केवल 30 मिनट में तय करेगी। एक ही बुनियादी ढांचे पर नमो भारत और मेरठ मेट्रो का यह निर्बाध एकीकरण अंतर-शहरी यात्रा और शहर के भीतर सुगम आवागमन सुनिश्चित करेगा, जिससे भारत में एकीकृत शहरी और क्षेत्रीय परिवहन के लिए एक नया मानक स्थापित होगा। इससे सड़क यातायात में भीड़ कम होगी और परिणामस्वरूप वाहनों से होने वाले कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में उल्लेखनीय कमी आएगी। ये परियोजनाएं शहरी गतिशीलता को बदलने और नागरिकों के जीवन को सुगम बनाने वाली निर्बाध, कुशल, आधुनिक और टिकाऊ सार्वजनिक परिवहन प्रणालियों को सुनिश्चित करने के प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण को और गति प्रदान करेंगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / अनूप शर्मा

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